प्रशस्त (PRASHAST) ऐप 2.0: बिहार सरकार का समावेशी शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम
बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने राज्य के विद्यालयों में समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) को मजबूत करने और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (Divyangjan Students) की पहचान को आसान बनाने के लिए प्रशस्त (PRASHAST) ऐप 2.0 के कार्यान्वयन को तेजी से आगे बढ़ाया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी छात्र अपनी शारीरिक या मानसिक चुनौतियों के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।
प्रशस्त ऐप 2.0 की मुख्य विशेषताएं एवं महत्वपूर्ण विवरण
1. अनिवार्य पंजीकरण (Mandatory Registration)
बिहार के सभी सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों, विशेष शिक्षकों (Special Educators) और प्राचार्यों के लिए प्रशस्त ऐप 2.0 पर पंजीकरण करना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐप के माध्यम से प्रत्येक स्कूल का डेटा दर्ज किया जाएगा ताकि दिव्यांग छात्रों का सटीक रिकॉर्ड तैयार हो सके।
2. अंतिम समय-सीमा (Deadline): 31 जुलाई 2026
शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी पात्र शिक्षकों और विद्यालयों को 31 जुलाई 2026 तक पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करने का सख्त निर्देश दिया है। समय पर पंजीकरण न करने वाले संस्थानों एवं शिक्षकों पर विभाग द्वारा समीक्षा की जा सकती है।
3. छात्रों की 2-स्तरीय स्क्रीनिंग प्रक्रिया (2-Tier Screening Process)
प्रशस्त ऐप 2.0 के माध्यम से विशेष आवश्यकता वाले छात्रों की पहचान दो चरणों में की जाती है:
- प्रथम स्तर (Level 1 - प्राथमिक स्क्रीनिंग): इसमें कक्षा शिक्षक (Class Teacher) ऐप में दिए गए चेकलिस्ट की मदद से अपनी कक्षा के संभावित दिव्यांग या विशेष आवश्यकता वाले छात्रों को चिन्हित करते हैं।
- द्वितीय स्तर (Level 2 - सत्यापन एवं मूल्यांकन): इस चरण में विशेष शिक्षक (Special Educator) या मेडिकल टीम प्रथम स्तर पर चिन्हित बच्चों का गहन मूल्यांकन और सत्यापन करती है, जिसके बाद उन्हें आवश्यक उपकरण और सरकारी सहायता प्रदान की जाती है।
प्रशस्त ऐप 2.0 डाउनलोड और उपयोग करने का आसान तरीका
यदि आप एक शिक्षक या विद्यालय प्रशासक हैं, तो नीचे दिए गए चरणों का पालन करके ऐप का उपयोग कर सकते हैं:
- स्टेप 1: अपने स्मार्टफोन के Google Play Store पर जाएं और "PRASHAST" खोजें।
- स्टेप 2: NCERT द्वारा विकसित आधिकारिक ऐप डाउनलोड और इंस्टॉल करें।
- स्टेप 3: ऐप खोलें और अपने स्कूल के UDISE Code और अपनी बेसिक जानकारी दर्ज करके न्यू रजिस्ट्रेशन पूरा करें।
- स्टेप 4: लॉगिन करने के बाद, अपनी कक्षा के अनुसार छात्रों की स्क्रीनिंग चेकलिस्ट भरना शुरू करें।
निष्कर्ष
प्रशस्त ऐप 2.0 बिहार में समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम है। सही समय पर दिव्यांग बच्चों की पहचान होने से उन्हें आवश्यक सरकारी सुविधाएं, अध्ययन सामग्री और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण प्रदान किया जा सकेगा। सभी संबंधित शिक्षक समय-सीमा से पूर्व अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें।
Abhi koi comment nahi hai. Pehla comment add kijiye.