Bihar Board Class 11th History Chapter 2 Notes: लेखन कला और शहरी जीवन (Writing & City Life)

Bihar Board Class 11th History Chapter 2 Complete Notes in Hindi. मेसोपोटामिया की सभ्यता, लेखन कला का विकास, उर और मारी नगर तथा शहरी जीवन की विस्तृत अध्ययन सामग्री।

Bihar Board Class 11th History Chapter 2 Notes: लेखन कला और शहरी जीवन (Writing & City Life)

बिहार बोर्ड कक्षा 11 इतिहास (History)

अध्याय 2: लेखन कला और शहरी जीवन (Writing and City Life)

विषय: विश्व इतिहास के कुछ विषय | बोर्ड: Bihar School Examination Board (BSEB)


अध्याय सारांश (Chapter Summary)

यह अध्याय विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक मेसोपोटामिया की सभ्यता (Mesopotamian Civilization) पर आधारित है। मेसोपोटामिया वर्तमान इराक देश का हिस्सा है। 'मेसोपोटामिया' शब्द यूनानी भाषा के दो शब्दों — 'मेसोस' (मध्य) और 'पोटैमोस' (नदी) से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है 'दो नदियों के बीच की भूमि'। यह सभ्यता दजला (Tigris) और फरात (Euphrates) नदियों के उपजाऊ मैदान में फली-फूली।

इस अध्याय में शहरी जीवन के उद्भव, श्रम विभाजन, व्यापार, 'कीलाकार' (Cuneiform) लिपि का विकास, तथा 'उर' और 'मारी' जैसे प्रमुख शहरों के सामाजिक और आर्थिक जीवन का गहराई से अध्ययन किया जाता है।


विस्तृत अध्ययन सामग्री (Detailed Study Notes)

1. मेसोपोटामिया का भूगोल और पर्यावरण (Geography & Environment)

  • भौगोलिक स्थिति: मेसोपोटामिया का उत्तरी भाग पहाड़ियों और घास के मैदानों (Steppe) से ढका हुआ था, जहाँ पशुपालन आजीविका का मुख्य साधन था।
  • कृषि और नदियाँ: दक्षिणी भाग रेगिस्तानी था, लेकिन दजला और फरात नदियाँ पहाड़ों से उपजाऊ बारीक मिट्टी लाती थीं। जब इन नदियों में बाढ़ आती थी, तो उपजाऊ मिट्टी खेतों में जमा हो जाती थी, जिससे गेहूँ, जौ, मटर और मसूर की बंपर उपज होती थी।
  • पूर्व और दक्षिण का जीवन: पूर्व में कारून नदी की सहायक नदियाँ ईरान के पहाड़ी प्रदेशों से संपर्क का साधन थीं। दक्षिण में खेती की उपज सबसे अधिक होती थी।

2. शहरीकरण का अर्थ और विशेषताएँ (Urbanization)

शहर केवल घनी आबादी वाले स्थान नहीं होते। जब किसी अर्थव्यवस्था में खाद्य उत्पादन के अलावा अन्य आर्थिक गतिविधियां (जैसे शिल्पकला, व्यापार, सेवाएँ) विकसित होती हैं, तब शहरीकरण की शुरुआत होती है।

  • श्रम विभाजन (Division of Labour): शहर के लोग पूरी तरह आत्मनिर्भर नहीं होते। एक कांस्य (Bronze) का औज़ार बनाने वाले शिल्पकार को ताँबा, राँगा और कोयले के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है।
  • सामाजिक संगठन: शहरों में वस्तुओं और सेवाओं का विनिमय सुचारू रूप से चलाने के लिए सामाजिक संगठन और नियमों की आवश्यकता होती है।

3. मेसोपोटामिया में व्यापार और संसाधनों की आवाजाही

मेसोपोटामिया खाद्य संसाधनों में समृद्ध था, लेकिन वहाँ खनिज संसाधनों का अभाव था। औज़ार, आभूषण और मोहरें बनाने के लिए पत्थर, ताँबा, राँगा, चाँदी और सोने की कमी थी।

  • मेसोपोटामियावासी अपनी कृषि उपज और ऊनी वस्त्रों का निर्यात करते थे तथा तुर्की, ईरान और खाड़ी पार के देशों से लकड़ी, ताँबा, राँगा और बहुमूल्य पत्थर आयात करते थे।
  • परिवहन का सबसे सस्ता साधन: जलमार्ग (जलपोत और नावें) माल परिवहन का सबसे सस्ता और सुलभ माध्यम था, क्योंकि इसमें जानवरों को चारा खिलाने का खर्च नहीं आता था।

4. लेखन कला का विकास (Development of Writing)

मेसोपोटामिया में लेखन कला की शुरुआत व्यापारिक लेन-देन और हिसाब-किताब रखने की आवश्यकता से हुई।

  • मिट्टी की पट्टिकाएँ (Clay Tablets): पहली पट्टिकाएँ लगभग 3200 ईसा पूर्व की मिली हैं। चिकनी मिट्टी को गीला करके उस पर सरकंडे की तीखी नोक से लिखा जाता था और फिर उसे धूप में सुखा लिया जाता था।
  • कीलाकार (Cuneiform) लिपि: यह लैटिन शब्द 'Cuneus' (खूंटी/कील) और 'Forma' (आकार) से बना है। इसमें अक्षरों के बजाय चित्र रूपी चिह्न और कीलाकार संकेत होते थे।
  • साक्षरता: मेसोपोटामिया में बहुत कम लोग पढ़े-लिखे थे, क्योंकि लिपिक को सैकड़ों जटिल संकेतों को याद रखना पड़ता था।

5. मेसोपोटामिया के प्रमुख नगर

(क) उर नगर (City of Ur)

  • उर एक साधारण रिहाइशी शहर था। यहाँ नगर-नियोजन (Town Planning) का अभाव था।
  • गलियाँ संकरी और टेढ़ी-मेढ़ी थीं, जहाँ पहिएदार गाड़ियाँ नहीं पहुँच सकती थीं।
  • जल निकासी प्रणाली (Drainage system) अच्छी नहीं थी। नालियाँ ढकी हुई नहीं थीं और घरों का कचरा गलियों में फेंक दिया जाता था।
  • घर के अंदर की गोपनीयता बनाए रखने के लिए मुख्य दरवाजे से सीधे अंदर का दृश्य नहीं दिखता था।

(ख) मारी नगर (City of Mari)

  • 2000 ईसा पूर्व के बाद फरात नदी की उर्ध्वधारा पर स्थित 'मारी' एक अत्यंत समृद्ध व्यापारिक और शाही राजधानी के रूप में विकसित हुआ।
  • यहाँ के राजा 'ज़िमरीलिम' (Zimrilim) का राजमहल अत्यंत प्रसिद्ध था।
  • मारी नगर किसानों, पशुपालकों और व्यापारियों का एक प्रमुख केंद्र था। यहाँ से ताँबा, राँगा, मदिरा और तेल का व्यापार होता था।

6. मेसोपोटामिया की विश्व को देन (Legacy of Mesopotamia)

  1. गणित और खगोलविद्या: गुणा, भाग, वर्गमूल और चक्रवृद्धि ब्याज की गणना।
  2. समय विभाजन: 1 वर्ष को 12 महीनों में, 1 महीने को 4 हफ्तों में, 1 दिन को 24 घंटों में और 1 घंटे को 60 मिनटों में विभाजित करने की प्रथा मेसोपोटामिया से ही मिली है।
  3. सूर्य/चंद्र ग्रहण की गणना: सौर और चंद्र ग्रहण के समय की सटीक भविष्यवाणी।

बिहार बोर्ड परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Important Q&A)

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions)

Q1. मेसोपोटामिया की सभ्यता किन दो नदियों के बीच विकसित हुई?
उत्तर: दजला (Tigris) और फरात (Euphrates) नदियों के बीच।

Q2. मेसोपोटामिया की सबसे पुरानी ज्ञात भाषा कौन सी थी?
उत्तर: सुमेरियन (Sumerian) भाषा।

Q3. 'कीलाकार' (Cuneiform) शब्द किस भाषा से लिया गया है?
उत्तर: लैटिन भाषा से।

लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Short & Long Questions)

Q1. मेसोपोटामिया में लेखन कला का विकास किस प्रकार हुआ? वर्णन करें।
उत्तर: मेसोपोटामिया में व्यापारिक लेन-देन और शहरी अर्थव्यवस्था में हिसाब-किताब रखने के लिए लेखन की आवश्यकता महसूस हुई। लगभग 3200 ईसा पूर्व में पहली मिट्टी की पट्टिकाएँ बनाई गईं। लिपिक गीली मिट्टी की पट्टिका पर सरकंडे की नोक से कीलाकार चिह्न उकेरते थे और फिर उसे सुखा लेते थे। यह दस्तावेज स्थायी प्रमाण बन जाता था।

Q2. उर नगर की सामाजिक एवं भौतिक विशेषताओं का संक्षेप में वर्णन करें।
उत्तर: उर नगर में सुनियोजित सड़कों का अभाव था। गलियाँ संकरी और घुमावदार थीं। घरों की योजना में गोपनीयता पर ध्यान दिया जाता था, तथा खिड़कियाँ सड़कों की तरफ नहीं खुलती थीं। नगर में जल निकासी की सही व्यवस्था न होने से कचरा गलियों में जमा होता था।

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