Class 11 History Chapter 4 Notes in Hindi | तीन वर्ग (Three Orders) - Bihar Board (BSEB)

बिहार Board Class 11th History Chapter 4 "तीन वर्ग" Complete Notes in Hindi. सामंतवाद (Feudalism), पादरी, अभिजात वर्ग, कृषक, मेनर प्रणाली और मध्यकालीन यूरोपीय समाज का विस्तृत अध्ययन।

Class 11 History Chapter 4 Notes in Hindi | तीन वर्ग (Three Orders) - Bihar Board (BSEB)

बिहार बोर्ड कक्षा 11 इतिहास (History)

अध्याय 4: तीन वर्ग (Three Orders - पश्चिमी यूरोप का सामंती समाज)

विषय: विश्व इतिहास के कुछ विषय | बोर्ड: Bihar School Examination Board (BSEB)


1. सामंतवाद का परिचय और उत्पत्ति (Concept of Feudalism)

'सामंतवाद' (Feudalism) शब्द जर्मन शब्द 'Feud' (फ्यूड) से बना है, जिसका अर्थ होता है — "भूमि का टुकड़ा"।

  • परिभाषा: सामंतवाद एक ऐसी मध्यकालीन राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक व्यवस्था थी जिसमें भूमि के स्वामित्व के बदले सैन्य सेवा और निष्ठा का आदान-प्रदान होता था।
  • इतिहासकार मार्क ब्लॉक (Marc Bloch): फ्रांसीसी विद्वान मार्क ब्लॉक ने अपनी पुस्तक 'फ्यूडलिज्म सोसाइटी' (Feudal Society) में यूरोपीय सामंती समाज के सामाजिक-सांस्कृतिक रिश्तों और भूगोल का विस्तृत खाका खींचा।

2. फ्रांसीसी समाज के 'तीन वर्ग' (The Three Orders)

(क) प्रथम वर्ग: पादरी वर्ग (The Clergy)

कैथोलिक चर्च मध्यकालीन यूरोप की सबसे प्रभावशाली संस्था थी। इसके प्रमुख 'पोप' (Pope) रोम में रहते थे।

  • विशेषाधिकार: पादरियों को करों से छूट प्राप्त थी। वे राजा से प्राप्त विस्तृत जागीरों के स्वामी थे।
  • टाईथ (Tithe): चर्च किसानों से उनकी कुल उपज का 1/10वां भाग धार्मिक कर के रूप में वसूलता था।
  • भिक्षु और मठ (Monks & Monasteries): कुछ अति-धार्मिक ईसाई समाज से दूर एकांत में 'मठों' (Monasteries/Abbeys) में रहते थे। इन्हें भिक्षु (Monk) और स्त्रियों को 'नन' (Nun) कहा जाता था। प्रसिद्ध मठ: सेंट बेनेडिक्ट मठ (इटली, 529 ई.) और क्लूनी मठ (बर्गुंडी, 910 ई.)।

(ख) द्वितीय वर्ग: अभिजात वर्ग (The Nobility)

अभिजात वर्ग के पास भूमि पर पूर्ण नियंत्रण था। इस वर्ग में राजा, लार्ड (सामंत), और योद्धा शामिल थे।

  • वेसलेज प्रणाली (Vassalage System): बड़े लॉर्ड राजा के प्रति वफादार होते थे और छोटे लॉर्ड (नाइट्स) बड़े लॉर्ड्स के प्रति निष्ठा की शपथ लेते थे।
  • मेनर प्रणाली (Manorial Estate): लॉर्ड का घर 'मेनर' कहलाता था। मेनर परिसर में लॉर्ड का महल, खेत, चरागाह, बेकरी, चर्च और किसानों की झोपड़ियाँ शामिल होती थीं।
  • नाइट्स (Knights): 11वीं सदी से यूरोप में निरंतर युद्धों के कारण घुड़सवार योद्धाओं की एक विशेष श्रेणी विकसित हुई जिन्हें 'नाइट' कहा गया। वे लॉर्ड्स से भूमि (फीफ/Fief) प्राप्त करते थे और बदले में सैन्य सेवा देते थे।

(ग) तृतीय वर्ग: कृषक वर्ग (The Peasants)

यूरोपीय आबादी का सबसे बड़ा हिस्सा किसानों का था। कृषक वर्ग दो भागों में बंटा हुआ था:

  1. स्वतंत्र किसान (Free Peasants): जो अपनी भूमि के स्वामी होते थे लेकिन लॉर्ड को भूमि-कर (Taille) चुकाते थे और आवश्यकता पड़ने पर सैन्य सेवा देते थे।
  2. कृषिदास / भू-दास (Serfs): ये किसान लॉर्ड की संपत्ति (मेनर) से बंधे होते थे। वे बिना लॉर्ड की अनुमति के मेनर छोड़कर नहीं जा सकते थे और लॉर्ड के खेतों में बिना मजदूरी के काम करते थे।

3. कृषि प्रौद्योगिकी में परिवर्तन और 'चौथा वर्ग'

11वीं शताब्दी के आसपास पश्चिमी यूरोप में कृषि तकनीक और जलवायु में बड़े सकारात्मक बदलाव आए:

  • तकनीकी सुधार: लकड़ी के हल के स्थान पर लोहे के भारी नोक वाले हल (Iron-tipped plows) का प्रयोग, पशुओं के गलों के बजाय कंधों पर जुआँ बाधना (Neck-harness to Shoulder-harness), और तीन-क्षेत्रीय फसल चक्र (Three-field crop rotation)।
  • नगरीकरण एवं व्यापार: कृषि उपज में वृद्धि से जनसंख्या बढ़ी और नए व्यावसायिक केंद्रों का जन्म हुआ।
  • चौथा वर्ग (The Fourth Order): नगरों के विकास के साथ ही व्यापारी, शिल्पकार, और साहूकारों का एक नया वर्ग उभरा जिन्हें 'चौथा वर्ग' कहा गया। नगरों में शिल्पों के नियंत्रण के लिए 'गिलड' (Guilds) संस्थाएँ बनीं।

4. चौदहवीं शताब्दी का संकट और सामंतवाद का पतन

14वीं सदी में यूरोप को कई बड़े झटकों का सामना करना पड़ा जिससे सामंती व्यवस्था कमजोर हो गई:

  1. मौसम में परिवर्तन: 13वीं सदी के अंत तक यूरोप में भीषण ठंड का दौर आया, जिससे फसलें नष्ट हुईं और अकाल पड़े।
  2. प्लेग महामारी (Black Death): 1347 से 1351 के बीच 'ब्यूबोनिक प्लेग' महामारी ने यूरोप की लगभग एक-तिहाई से आधी आबादी को समाप्त कर दिया।
  3. श्रम की कमी और किसान विद्रोह: प्लेग के बाद मजदूरों की भारी कमी हो गई, जिससे स्वतंत्र किसानों और भू-दासों ने लॉर्ड्स के शोषण के खिलाफ इंग्लैंड (1381) और फ्रांस में उग्र विद्रोह किए।
  4. नये राजाओं का उदय: 15वीं-16वीं शताब्दी में फ्रांस, इंग्लैंड और स्पेन में शक्तिशाली निरंकुश शासकों (Absolute Monarchy) का उदय हुआ, जिन्होंने सामंतों की निजी सेनाओं को समाप्त कर एक स्थायी राष्ट्रीय सेना का निर्माण किया।

बिहार बोर्ड परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Important Q&A)

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions)

प्र1. 'सामंतवाद' (Feudalism) शब्द की उत्पत्ति किस भाषा के शब्द से हुई है?
उत्तर: जर्मन भाषा के 'Feud' शब्द से (जिसका अर्थ भूमि का टुकड़ा है)|

प्र2. चर्च द्वारा किसानों से वसूला जाने वाला धार्मिक कर क्या कहलाता था?
उत्तर: टाईथ (Tithe)।

प्र3. 'ब्लैक डेथ' (Black Death) महामारी का कारण कौन सी बीमारी थी?
उत्तर: ब्यूबोनिक प्लेग (Bubonic Plague)।

लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Short & Long Answer Questions)

प्र1. फ्रांसीसी समाज के 'तीन वर्गों' का संक्षेप में वर्णन करें।
उत्तर: फ्रांसीसी समाज तीन वर्गों में विभाजित था: प्रथम वर्ग 'पादरी वर्ग' था जो चर्च का संचालन करता था और करों से मुक्त था। द्वितीय वर्ग 'अभिजात वर्ग' था जिसके पास विशाल भूमि (जागीरें) थी और जो शासन व सेना का संचालन करता था। तृतीय वर्ग में 'कृषक और मजदूर' आते थे जो समाज का सबसे बड़ा शोषित वर्ग था और कर चुकाता था।

प्र2. चौदहवीं शताब्दी के संकट ने सामंतवाद की जड़ों को किस प्रकार कमजोर किया?
उत्तर: 14वीं शताब्दी में भीषण ठंड, फसलों की विफलता और 1347-1351 के 'ब्लैक डेथ' (प्लेग) महामारी ने यूरोप की बड़ी आबादी का सफाया कर दिया। इससे श्रम (मजदूरों) की भारी कमी हो गई। लॉर्ड्स ने किसानों पर दोबारा बंधुआ शर्तें थोपने की कोशिश की, जिससे इंग्लैंड और फ्रांस में हिंसक किसान विद्रोह हुए। परिणामस्वरूप, भू-दासता धीरे-धीरे समाप्त हो गई और सामंतवाद ढह गया।

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