Bihar Education Department Order on APAAR ID: अब 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए नया निर्देश, जानें पूरी जानकारी

बिहार शिक्षा विभाग ने कक्षा 9 से 12 तक के सभी छात्रों के लिए अपार आईडी (APAAR ID) बनाना अनिवार्य कर दिया है। जानें क्या है 'वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी', इसके फायदे और यह कैसे बनेगा।

Bihar Education Department Order on APAAR ID: अब 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए नया निर्देश, जानें पूरी जानकारी

बिहार शिक्षा विभाग का नया निर्देश: 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए APAAR ID अनिवार्य, जानें पूरी जानकारी

बिहार में शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से डिजिटल, पारदर्शी और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से राज्य शिक्षा विभाग (Bihar Education Department) ने एक बेहद महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। नए निर्देश के अनुसार, राज्य के सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में कक्षा 9वीं से लेकर 12वीं तक पढ़ाई कर रहे सभी छात्र-छात्राओं के लिए APAAR ID (अपार आईडी) बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। भारत सरकार के 'वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी' (One Nation, One Student ID) विजन के तहत उठाए गए इस कदम से छात्रों का पूरा शैक्षणिक रिकॉर्ड अब एक जगह डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा। आइए इस नए निर्देश और अपार आईडी से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी को विस्तार से समझते हैं।


क्या है APAAR ID (अपार आईडी)?

APAAR का पूरा नाम Automated Permanent Academic Account Registry है। जिस तरह देश के हर नागरिक की पहचान के लिए 12 अंकों का आधार कार्ड (Aadhaar Card) होता है, उसी तरह अब हर छात्र की शैक्षणिक पहचान के लिए 12 अंकों की एक यूनिक 'अपार आईडी' होगी। यह आईडी प्री-प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा (Higher Education) तक छात्र के साथ रहेगी। इस एक आईडी में छात्र के सभी सर्टिफिकेट, मार्कशीट, स्कॉलरशिप रिकॉर्ड, और शैक्षणिक उपलब्धियों (Academic Credits) का डिजिटल डेटा स्टोर रहेगा।


शिक्षा विभाग के नए आदेश की मुख्य बातें

बिहार शिक्षा विभाग और बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) और स्कूल के प्रधानाचार्यों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे तय समय सीमा के भीतर छात्रों की अपार आईडी जनरेट करने का काम पूरा करें। आदेश के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • किनके लिए है अनिवार्य: वर्तमान में कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं में पढ़ने वाले सभी छात्र-छात्राओं के लिए इसे प्राथमिकता के आधार पर अनिवार्य किया गया है। भविष्य में इसे निचली कक्षाओं के लिए भी लागू किया जाएगा।
  • माता-पिता की सहमति (Consent): अपार आईडी बनाने के लिए छात्रों के माता-पिता या अभिभावकों की लिखित सहमति (Consent Form) अनिवार्य है। स्कूलों को यह फॉर्म अभिभावकों से भरवाकर अपने पास सुरक्षित रखना होगा।
  • आधार कार्ड है जरूरी: अपार आईडी पूरी तरह से छात्र के आधार कार्ड (Aadhaar Card) पर आधारित होगी। आईडी जनरेट करने के लिए आधार वेरिफिकेशन (Aadhaar Authentication) की प्रक्रिया से गुजरना होगा।
  • प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी: अपार आईडी जनरेट करने का कार्य छात्रों को खुद नहीं करना है, बल्कि यह जिम्मेदारी स्कूल के प्रधानाचार्य और नोडल शिक्षकों की है। वे UDISE+ (यू-डायस प्लस) पोर्टल के माध्यम से इसे जनरेट करेंगे।

अपार आईडी (APAAR ID) से छात्रों को क्या फायदे होंगे?

सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम से छात्रों को कई दीर्घकालिक लाभ मिलने वाले हैं। डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड से लेकर कॉलेज एडमिशन तक में यह आईडी काम आएगी:

फायदे का क्षेत्र विस्तृत जानकारी
शैक्षणिक रिकॉर्ड का रखरखाव मार्कशीट, ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) या माइग्रेशन खोने का डर खत्म। सब कुछ डिजिलॉकर (DigiLocker) और अपार खाते में जीवन भर के लिए सुरक्षित रहेगा।
स्कॉलरशिप में आसानी सरकारी छात्रवृत्तियों (Scholarships) का लाभ लेने के लिए बार-बार कागज़ात जमा नहीं करने पड़ेंगे। अपार आईडी से सरकार सीधे डेटा वेरिफाई कर लेगी।
स्कूल/कॉलेज ट्रांसफर में सुविधा अगर कोई छात्र एक स्कूल/कॉलेज या राज्य से दूसरे में जाता है, तो अपार आईडी के जरिए उसका पूरा एडमिशन प्रोसेस और क्रेडिट ट्रांसफर आसानी से हो जाएगा।
फर्जीवाड़े पर रोक एक छात्र का केवल एक ही अपार नंबर होगा। इससे एक साथ दो जगह नामांकन (Double Enrollment) और फर्जी डिग्रियों पर पूरी तरह से लगाम लगेगी।
बोर्ड रजिस्ट्रेशन में उपयोग बिहार बोर्ड (BSEB) की 10वीं और 12वीं की परीक्षा के रजिस्ट्रेशन फॉर्म और डमी कार्ड में अब अपार आईडी का उपयोग अनिवार्य किया जा रहा है।

छात्रों और अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश (ज़रूर पढ़ें)

चूंकि अपार आईडी आधार कार्ड से लिंक होकर बनेगी, इसलिए छात्रों के लिए सबसे बड़ी चुनौती उनके आधार कार्ड और स्कूल के रिकॉर्ड में मौजूद विसंगतियां (Mismatch) हो सकती हैं। यदि आप 9वीं से 12वीं के छात्र हैं, तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें:

सबसे जरूरी काम: अपना आधार कार्ड लें और अपनी स्कूल की रसीद या 8वीं/10वीं की मार्कशीट से अपने नाम की स्पेलिंग (Spelling), पिता का नाम, जन्म तिथि (DOB) और जेंडर का मिलान करें। यदि आधार कार्ड में और स्कूल रिकॉर्ड में कोई भी अक्षर या तारीख अलग है, तो आपकी अपार आईडी नहीं बन पाएगी (Aadhaar Authentication Fail हो जाएगा)। ऐसी स्थिति में तुरंत अपने नज़दीकी आधार केंद्र पर जाकर आधार कार्ड में सुधार करवाएं।
  • स्कूल द्वारा दिए गए 'अभिभावक सहमति पत्र' (Consent Form) को भरकर जल्द से जल्द स्कूल में जमा करें।
  • अपने आधार कार्ड को मोबाइल नंबर से लिंक करवा कर रखें, क्योंकि वेरिफिकेशन के दौरान ओटीपी (OTP) की आवश्यकता पड़ सकती है।
  • अपार आईडी बनने के बाद जो 12 अंकों का नंबर आपको स्कूल से मिलेगा, उसे सुरक्षित डायरी में नोट कर लें।

निष्कर्ष

बिहार शिक्षा विभाग का कक्षा 9 से 12 तक के लिए APAAR ID अनिवार्य करने का आदेश राज्य की शिक्षा प्रणाली को राष्ट्रीय स्तर (National Education Policy - NEP 2020) के अनुरूप ढालने का एक बेहतरीन प्रयास है। छात्रों को घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह पूरी प्रक्रिया स्कूल के माध्यम से ही पूरी की जाएगी। छात्रों को बस अपना आधार कार्ड अपडेट रखना है और स्कूल प्रशासन का सहयोग करना है। भविष्य की डिजिटल दुनिया में यह 'वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी' हर छात्र के करियर की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी साबित होगी।

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