Bihar Board Class 11th Home Science Chapter 4: माता और शिशु के लिए टीकाकरण अनुसूची (Immunization Schedule for Mother and Child) - Complete Notes
बिहार बोर्ड कक्षा 11वीं गृह विज्ञान के नए पाठ्यक्रम पर आधारित संपूर्ण अध्ययन सामग्री, राष्ट्रीय टीकाकरण सारणी एवं परीक्षा-उपयोगी प्रश्न बैंक।
विषय-सूची (Table of Contents)
- खंड 1: टीकाकरण एवं प्रतिरक्षा की मूल अवधारणा (Concept of Immunity & Vaccination)
- खंड 2: मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में टीकाकरण का महत्व
- खंड 3: राष्ट्रीय टीकाकरण सारणी (National Immunization Schedule - NIS)
- खंड 4: टीकों से बचाव वाली प्रमुख संक्रामक बीमारियाँ
- खंड 5: टीकाकरण के पश्चात सामान्य प्रभाव एवं गृह प्रबंधन
- खंड 6: कोल्ड चेन (Cold Chain) एवं मिशन इंद्रधनुष
- खंड 7: बिहार बोर्ड क्वेश्चन बैंक (VVI MCQs, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)
खंड 1: टीकाकरण एवं प्रतिरक्षा की मूल अवधारणा (Concept of Immunity & Vaccination)
1.1 प्रतिरक्षा (Immunity) क्या है?
हमारे वातावरण में अनगिनत हानिकारक सूक्ष्मजीव (रोगाणु) उपस्थित रहते हैं। शरीर की वह क्षमता जो हानिकारक रोगाणुओं (जीवाणु, विषाणु आदि) से लड़ने तथा रोगों से सुरक्षा प्रदान करने का कार्य करती है, उसे प्रतिरक्षा (Immunity) कहते हैं।
1.2 वैक्सिनेशन और इम्युनाइजेशन में अंतर
- वैक्सिनेशन (Vaccination): शरीर में किसी विशिष्ट बीमारी से सुरक्षा हेतु टीका (Vaccine) लगाने की प्रक्रिया को वैक्सिनेशन कहते हैं।
- इम्युनाइजेशन (Immunization): टीका लगने के बाद जब शरीर के अंदर एंटीबॉडीज (Antibodies) बन जाती हैं और शरीर उस बीमारी से लड़ने के सक्षम हो जाता है, तो इस अवस्था को प्रतिरक्षण (Immunization) कहते हैं।
टीका कार्य कैसे करता है? टीके में मृत या कमजोर किए गए रोगाणु होते हैं। जब इन्हें शरीर में पहुँचाया जाता है, तो शरीर बिना बीमार पड़े इनके खिलाफ एंटीबॉडी बना लेता है। भविष्य में वास्तविक रोगाणु के हमले पर यह एंटीबॉडी उन्हें तुरंत नष्ट कर देती है।
खंड 2: मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में टीकाकरण का महत्व
गर्भावस्था से लेकर शिशु के शुरुआती वर्षों तक संक्रामक बीमारियों का खतरा सबसे अधिक होता है। टीकाकरण के मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं:
- बाल मृत्यु दर में कमी: पोलियो, खसरा, काली खांसी जैसी जानलेवा बीमारियों से बच्चों को सुरक्षा मिलती है।
- स्थायी विकलांगता से बचाव: पोलियो जैसे रोगों से होने वाली अयोग्यता से मुक्ति।
- माँ और भ्रूण की सुरक्षा: गर्भावस्था में टिटनेस का टीका माँ तथा नवजात दोनों को टिटनेस संक्रमण से बचाता है।
- सामूहिक प्रतिरक्षा (Herd Immunity): जब अधिकांश आबादी का टीकाकरण हो जाता है, तो समाज में रोगाणुओं का फैलाव रुक जाता है।
खंड 3: राष्ट्रीय टीकाकरण सारणी (National Immunization Schedule - NIS)
भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी टीकाकरण सारणी का विवरण नीचे दिया गया है:
3.1 गर्भवती महिलाओं के लिए टीकाकरण (For Pregnant Women)
| टीका (Vaccine) | कब दिया जाए (Timing) | खुराक (Dose) | स्थान / मार्ग (Site/Route) |
|---|---|---|---|
| Td - 1 | गर्भावस्था के शुरुआती महीनों में ही | 0.5 ml | मांसपेशी में (IM) / ऊपरी बांह |
| Td - 2 | Td-1 के 4 सप्ताह (1 माह) बाद | 0.5 ml | मांसपेशी में (IM) / ऊपरी बांह |
| Td - बूस्टर | यदि 3 वर्ष के भीतर पिछली गर्भावस्था में 2 खुराकें ली जा चुकी हों | 0.5 ml | मांसपेशी में (IM) / ऊपरी बांह |
3.2 शिशुओं एवं बच्चों के लिए टीकाकरण (For Infants and Children)
| आयु (Age) | टीका (Vaccine) | संरक्षित बीमारी | खुराक एवं मार्ग |
|---|---|---|---|
| जन्म के समय (At Birth) | 1. BCG 2. OPV (जीरो डोज) 3. हेपेटाइटिस B (बर्थ डोज) |
1. टीबी (क्षय रोग) 2. पोलियो 3. हेपेटाइटिस B (यकृत संक्रमण) |
0.05ml त्वचा में / 2 बूंद ओरल / 0.5ml मांसपेशी में (24 घंटे के भीतर) |
| 6 सप्ताह | 1. पेंटावेलेंट - 1 2. OPV - 1 3. रोटावायरस - 1 4. fIPV - 1 5. PCV - 1 |
डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस, हेपेटाइटिस-B, हिब (Hib), पोलियो, दस्त (डायरिया), निमोनिया। | 0.5ml IM / 2 बूंद ओरल / 5 बूंद ओरल / 0.1ml ID / 0.5ml IM |
| 10 सप्ताह | 1. पेंटावेलेंट - 2 2. OPV - 2 3. रोटावायरस - 2 |
संक्रामक बीमारियों से द्वितीय सुरक्षा स्तर। | 0.5ml IM / 2 बूंद ओरल / 5 बूंद ओरल |
| 14 सप्ताह | 1. पेंटावेलेंट - 3 2. OPV - 3 3. रोटावायरस - 3 4. fIPV - 2 5. PCV - 2 |
प्राथमिक टीकाकरण की पूर्णता। | 0.5ml IM / 2 बूंद ओरल / 5 बूंद ओरल / 0.1ml ID / 0.5ml IM |
| 9 - 12 माह | 1. MR - 1 2. विटामिन 'A' (खुराक 1) 3. PCV Booster 4. JE - 1 (प्रभावित क्षेत्रों में) |
खसरा, रुबेला, रतौंधी से बचाव, निमोनिया बूस्टर, दिमागी बुखार। | 0.5ml SC / 1 लाख IU ओरल / 0.5ml IM / 0.5ml SC |
| 16 - 24 माह | 1. MR - 2 2. DPT बूस्टर - 1 3. OPV बूस्टर 4. JE - 2 |
बूस्टर सुरक्षा स्तर। | 0.5ml SC / 0.5ml IM / 2 बूंद ओरल / 0.5ml SC |
| 5 - 6 वर्ष | DPT बूस्टर - 2 | डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस। | 0.5ml IM (ऊपरी बांह) |
| 10 एवं 16 वर्ष | Td (टिटनेस एवं डिप्थीरिया) | टिटनेस और डिप्थीरिया से दीर्घकालिक सुरक्षा। | 0.5ml IM (ऊपरी बांह) |
खंड 4: टीकों से बचाव वाली प्रमुख संक्रामक बीमारियाँ
- BCG: क्षय रोग (टीबी) से सुरक्षा देता है।
- पेंटावेलेंट (Pentavalent): यह एकल टीका 5 बीमारियों — डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस, हेपेटाइटिस-बी तथा हिब (Hib) संक्रमण से बचाता है।
- OPV एवं fIPV: पोलियो की बीमारी से होने वाली अपंगता से बचाव करते हैं।
- MR वैक्सीन: खसरा (Measles) तथा जर्मन खसरा (Rubella) से रक्षा करता है।
- रोटावायरस (RVV): शिशुओं में होने वाले जानलेवा दस्त (डायरिया) को रोकता है।
खंड 5: टीकाकरण के पश्चात सामान्य प्रभाव एवं गृह प्रबंधन
टीकाकरण के उपरांत कुछ हल्के प्रभाव दिखना स्वाभाविक है। यह प्रतिरक्षा प्रणाली के क्रियाशील होने का संकेत है:
| सामान्य प्रभाव (Side Effects) | गृह प्रबंधन (Home Care) |
|---|---|
| हल्का बुखार | डॉक्टर की सलाह से पैरासिटामोल (PCM) सिरप दें। ढीले कपड़े पहनाएं। |
| टीके के स्थान पर सूजन या दर्द | साफ सूती कपड़े को ठंडे पानी में भिगोकर ठंडी पट्टी करें। जगह को रगड़ें नहीं। |
| BCG के स्थान पर फोड़ा/गांठ | यह सामान्य प्रक्रिया है, जो बाद में छोटा निशान (Scar) छोड़ती है। इस पर कोई दवा या तेल न लगाएं। |
खंड 6: कोल्ड चेन (Cold Chain) एवं मिशन इंद्रधनुष
- कोल्ड चेन (Cold Chain): टीकों को निर्माण स्थल से लेकर बच्चे को लगाए जाने तक सुरक्षित तापमान ($+2^\circ\text{C}$ से $+8^\circ\text{C}$) पर बनाए रखने की प्रणाली को कोल्ड चेन कहते हैं। तापमान बिगड़ने पर टीके निष्प्रभावी हो जाते हैं।
- मिशन इंद्रधनुष (Mission Indradhanush): भारत सरकार द्वारा दिसंबर 2014 में शुरू किया गया अभियान, जिसका उद्देश्य उन सभी बच्चों और गर्भवती महिलाओं तक पहुँचना है जो नियमित टीकाकरण से छूट गए हैं, ताकि 100% पूर्ण टीकाकरण का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।
खंड 7: बिहार बोर्ड क्वेश्चन बैंक (Question Bank)
7.1 VVI बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
- BCG का टीका किस बीमारी से बचाव के लिए लगाया जाता है?
(A) पोलियो
(B) टीबी (क्षय रोग)
(C) खसरा
(D) हैजा
उत्तर: (B) टीबी (क्षय रोग)
- पेंटावेलेंट टीका कितनी बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है?
(A) 3
(B) 4
(C) 5
(D) 6
उत्तर: (C) 5
- हेपेटाइटिस-बी की जन्म खुराक (Birth Dose) कितने समय के भीतर देना अनिवार्य है?
(A) 24 घंटे
(B) 7 दिन
(C) 1 माह
(D) 6 माह
उत्तर: (A) 24 घंटे
- रतौंधी से बचाव के लिए 9 से 12 माह के बच्चे को किस विटामिन की खुराक दी जाती है?
(A) विटामिन B
(B) विटामिन C
(C) विटामिन A
(D) विटामिन D
उत्तर: (C) विटामिन A
- रोटावायरस वैक्सीन किस रोग से सुरक्षा प्रदान करती है?
(A) निमोनिया
(B) दस्त (डायरिया)
(C) काली खांसी
(D) पोलियो
उत्तर: (B) दस्त (डायरिया)
7.2 लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions - 2 Marks)
प्र 1. वैक्सिनेशन और इम्युनाइजेशन में क्या अंतर है?
उत्तर: शरीर में रोग से सुरक्षा के लिए टीका लगाने की प्रक्रिया 'वैक्सिनेशन' कहलाती है, जबकि टीका लगने के उपरांत शरीर में एंटीबॉडी बनने से रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित होने की अवस्था को 'इम्युनाइजेशन' कहते हैं।
प्र 2. जन्म के समय शिशु को कौन-कौन से तीन टीके दिए जाते हैं?
उत्तर: 1. BCG (टीबी हेतु), 2. OPV जीरो डोज (पोलियो हेतु), और 3. हेपेटाइटिस B बर्थ डोज।
प्र 3. कोल्ड चेन (Cold Chain) से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: टीकों को उनकी गुणवत्ता और प्रभावकारिता बनाए रखने के लिए निर्माण से लेकर उपयोग तक निर्धारित कम तापमान ($+2^\circ\text{C}$ से $+8^\circ\text{C}$) पर बनाए रखने की व्यवस्था को कोल्ड चेन कहते हैं।
7.3 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions - 5 Marks)
प्र 1. राष्ट्रीय टीकाकरण सारणी के अनुसार जन्म से लेकर 5 वर्ष तक के शिशुओं के लिए आवश्यक टीकों का तालिका सहित वर्णन करें।
उत्तर: (उत्तर के लिए खंड 3.2 की संपूर्ण तालिका का उल्लेख करें जिसमें BCG, पेंटावेलेंट, OPV, MR तथा बूस्टर खुराकों का विस्तार से वर्णन करें।)
प्र 2. टीकाकरण के बाद शिशु में दिखने वाले सामान्य दुष्प्रभावों का वर्णन करें तथा उनके गृह प्रबंधन के उपाय लिखें।
उत्तर: (उत्तर के लिए खंड 5 में दिए गए बुखार, सूजन/दर्द तथा BCG के निशान से संबंधित गृह प्रबंधन के उपायों का विस्तारपूर्वक उल्लेख करें।)
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