Bihar Board Class 12th Physics Chapter 3 Notes in Hindi: विद्युत धारा (Current Electricity)
विद्युत धारा अध्याय में हम यह समझते हैं कि किसी चालक में धारा क्यों बहती है, धारा का मान किन राशियों पर निर्भर करता है, प्रतिरोध और प्रतिरोधकता में क्या अंतर है तथा अलग-अलग विद्युत परिपथों में धारा और विभवांतर कैसे ज्ञात किया जाता है। इसी अध्याय में ओम का नियम, अपवाह वेग, गतिशीलता, प्रतिरोधों का संयोजन, विद्युत शक्ति, सेल का EMF और आंतरिक प्रतिरोध, किरचॉफ के नियम, व्हीटस्टोन ब्रिज, मीटर ब्रिज और विभवमापी जैसे महत्वपूर्ण विषय आते हैं।
नीचे दिए गए नोट्स में प्रत्येक अवधारणा को परिभाषा, सूत्र, सरल उदाहरण और परीक्षा में लिखने योग्य बिंदुओं के साथ क्रम से समझाया गया है। जहाँ किसी सूत्र में कई राशियाँ हैं, वहाँ उनके अर्थ और SI मात्रक भी दिए गए हैं ताकि numerical हल करते समय गलती कम हो।
1. विद्युत धारा एवं धारा घनत्व
विद्युत धारा (Electric Current)
किसी चालक के किसी अनुप्रस्थ काट से प्रति एकांक समय में प्रवाहित होने वाले विद्युत आवेश की मात्रा को विद्युत धारा कहते हैं। इसे I से दर्शाते हैं।
यदि आवेश का प्रवाह समय के साथ बदल रहा हो, तो उस क्षण की धारा को तात्क्षणिक धारा कहते हैं।
- प्रकृति: विद्युत धारा को अदिश राशि माना जाता है।
- SI मात्रक: ऐम्पियर (A)
- संबंध: 1 A = 1 C/s
- परंपरागत दिशा: धनावेश के प्रवाह की दिशा मानी जाती है, अर्थात इलेक्ट्रॉनों की गति की दिशा के विपरीत।
- विमीय सूत्र: [M0L0T0A1]
1 ऐम्पियर की परिभाषा
यदि किसी चालक के अनुप्रस्थ काट से 1 सेकंड में 1 कूलॉम आवेश प्रवाहित हो, तो चालक में बहने वाली धारा 1 ऐम्पियर कहलाती है।
धारा घनत्व (Current Density)
किसी चालक के अनुप्रस्थ काट की प्रति इकाई क्षेत्रफल से गुजरने वाली धारा को धारा घनत्व कहते हैं। इसे J से दर्शाते हैं।
- यह सदिश राशि है।
- SI मात्रक: A/m2
- विमीय सूत्र: [M0L-2T0A1]
यदि समान धारा को कम क्षेत्रफल वाले तार में प्रवाहित किया जाए, तो धारा घनत्व अधिक होगा। इसलिए केवल धारा का मान जानना पर्याप्त नहीं है; चालक का अनुप्रस्थ क्षेत्रफल भी महत्वपूर्ण है।
2. चालन इलेक्ट्रॉन, अनुगमन वेग एवं गतिशीलता
मुक्त इलेक्ट्रॉन मॉडल
धातुओं में बड़ी संख्या में मुक्त इलेक्ट्रॉन उपस्थित होते हैं। सामान्य अवस्था में ये इलेक्ट्रॉन यादृच्छिक तापीय गति करते रहते हैं। अलग-अलग दिशाओं में उनकी गति के कारण कुल औसत वेग शून्य माना जा सकता है। जब चालक के सिरों के बीच विभवांतर लगाया जाता है, तब चालक के भीतर विद्युत क्षेत्र स्थापित होता है और मुक्त इलेक्ट्रॉनों की यादृच्छिक गति के साथ एक निश्चित औसत दिशा वाली गति भी उत्पन्न होती है।
अनुगमन या अपवाह वेग (Drift Velocity)
बाह्य विद्युत क्षेत्र के कारण चालक के मुक्त इलेक्ट्रॉनों में उत्पन्न औसत दिशात्मक वेग को अनुगमन वेग कहते हैं। इसे vd से दर्शाते हैं। इलेक्ट्रॉन ऋणावेशित होने के कारण उनका अनुगमन विद्युत क्षेत्र की दिशा के विपरीत होता है।
- e: इलेक्ट्रॉन के आवेश का परिमाण
- E: विद्युत क्षेत्र
- τ: दो क्रमिक टक्करों के बीच औसत समय, जिसे relaxation time कहा जाता है
- m: इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान
धारा और अनुगमन वेग में संबंध
मान लें चालक का अनुप्रस्थ क्षेत्रफल A है, प्रति इकाई आयतन मुक्त इलेक्ट्रॉनों की संख्या n है और प्रत्येक इलेक्ट्रॉन के आवेश का परिमाण e है। तब धारा और अनुगमन वेग के बीच संबंध है:
क्योंकि J = I/A, इसलिए:
यह संबंध यह स्पष्ट करता है कि धारा केवल बाहरी विभवांतर से ही नहीं, बल्कि चालक में उपलब्ध आवेश वाहकों की संख्या और उनके अनुगमन वेग से भी जुड़ी है।
गतिशीलता (Mobility)
प्रति इकाई विद्युत क्षेत्र में आवेश वाहक द्वारा प्राप्त अनुगमन वेग के परिमाण को गतिशीलता कहते हैं। इसे μ से दर्शाते हैं।
SI मात्रक m2/(V·s) है।
3. ओम का नियम एवं विद्युत प्रतिरोध
ओम का नियम
यदि किसी चालक की भौतिक परिस्थितियाँ, जैसे ताप आदि, नियत रहें, तो उसके सिरों पर लगाया गया विभवांतर उसमें प्रवाहित धारा के समानुपाती होता है।
यहाँ R चालक का प्रतिरोध है।
प्रतिरोध (Resistance)
चालक द्वारा विद्युत धारा के प्रवाह में उत्पन्न की जाने वाली रुकावट को विद्युत प्रतिरोध कहते हैं।
- SI मात्रक: ओम (Ω)
- 1 Ω = 1 V/A
- विमीय सूत्र: [M1L2T-3A-2]
ओम के नियम का सूक्ष्म रूप
धारा घनत्व J, विद्युत क्षेत्र E और विशिष्ट चालकता σ के बीच:
जहाँ ρ प्रतिरोधकता है और σ विशिष्ट चालकता है।
V-I ग्राफ सीधी रेखा हो और मूल बिंदु से गुजरे, तो चालक ओम के नियम का पालन करता है। इस ग्राफ की ढाल V/I से प्रतिरोध का मान प्राप्त किया जा सकता है, यदि V को ऊर्ध्वाधर अक्ष और I को क्षैतिज अक्ष पर लिया गया हो।
4. प्रतिरोधकता एवं चालकता
प्रतिरोधकता (Resistivity)
किसी चालक का प्रतिरोध उसकी लंबाई के समानुपाती तथा अनुप्रस्थ क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
ρ पदार्थ का विशिष्ट प्रतिरोध या प्रतिरोधकता है। यह मुख्यतः पदार्थ की प्रकृति और तापमान पर निर्भर करती है; चालक की लंबाई और क्षेत्रफल पर सीधे निर्भर नहीं करती।
- SI मात्रक: Ω·m
- यह पदार्थ की पहचान करने वाली उपयोगी भौतिक राशि है।
चालकता (Conductance)
प्रतिरोध के व्युत्क्रम को चालकता कहते हैं।
मात्रक Siemens (S) या Ω-1 है।
विशिष्ट चालकता (Conductivity)
इसका SI मात्रक S/m है।
| राशि | प्रतीक | सूत्र | SI मात्रक |
|---|---|---|---|
| प्रतिरोध | R | V/I | Ω |
| प्रतिरोधकता | ρ | RA/L | Ω·m |
| चालकता | G | 1/R | S |
| विशिष्ट चालकता | σ | 1/ρ | S/m |
5. तापमान का प्रतिरोध पर प्रभाव
धातुओं में ताप बढ़ने पर परमाणुओं का कंपन बढ़ता है। इससे इलेक्ट्रॉनों के टकराव की संभावना बढ़ती है और सामान्यतः प्रतिरोध तथा प्रतिरोधकता बढ़ती है।
- α: प्रतिरोध का ताप गुणांक
- धातुओं के लिए α सामान्यतः धनात्मक होता है।
- अर्धचालकों में ताप बढ़ने पर प्रतिरोध घटने की प्रवृत्ति होती है और ताप गुणांक ऋणात्मक माना जाता है।
- Manganin और Constantan जैसी मिश्रधातुओं का ताप गुणांक बहुत कम होता है, इसलिए इनका उपयोग मानक प्रतिरोध बनाने में किया जाता है।
6. कार्बन प्रतिरोधक और वर्ण कोड
कार्बन प्रतिरोधकों पर रंगीन पट्टियों की सहायता से उनके प्रतिरोध का मान और सहनशीलता बताई जा सकती है। सामान्य चार-बैंड व्यवस्था में पहले दो रंग महत्वपूर्ण अंक, तीसरा रंग गुणांक और चौथा रंग tolerance बताता है।
| रंग | अंक | गुणांक | सहनशीलता |
|---|---|---|---|
| Black | 0 | 100 | — |
| Brown | 1 | 101 | — |
| Red | 2 | 102 | — |
| Orange | 3 | 103 | — |
| Yellow | 4 | 104 | — |
| Green | 5 | 105 | — |
| Blue | 6 | 106 | — |
| Violet | 7 | 107 | — |
| Grey | 8 | 108 | — |
| White | 9 | 109 | — |
| Gold | — | 10-1 | ±5% |
| Silver | — | 10-2 | ±10% |
| No color | — | — | ±20% |
उदाहरण: यदि पहले दो बैंड Brown और Black तथा तीसरा Red है, तो मान = 10 × 102 = 1000 Ω, अर्थात 1 kΩ। चौथे बैंड से इसकी tolerance ज्ञात की जाएगी।
7. प्रतिरोधों का संयोजन
श्रेणीक्रम संयोजन (Series)
जब प्रतिरोधकों को एक के बाद एक जोड़ा जाता है और सभी प्रतिरोधों में समान धारा बहती है, तो उसे श्रेणीक्रम संयोजन कहते हैं।
- सभी प्रतिरोधों में धारा समान रहती है।
- कुल विभवांतर अलग-अलग प्रतिरोधों में बाँटता है।
- तुल्य प्रतिरोध सबसे बड़े प्रतिरोध से भी अधिक होता है।
समांतर संयोजन (Parallel)
जब कई प्रतिरोधों के दोनों सिरे समान दो बिंदुओं से जुड़े हों, तो उसे समांतर संयोजन कहते हैं।
- सभी प्रतिरोधों के सिरों पर समान विभवांतर रहता है।
- कुल धारा अलग-अलग शाखाओं में बँटती है।
- तुल्य प्रतिरोध सबसे छोटे प्रतिरोध से भी कम होता है।
| विशेषता | Series | Parallel |
|---|---|---|
| धारा | समान | शाखाओं में अलग |
| विभवांतर | बँटता है | समान |
| तुल्य प्रतिरोध | योग | व्युत्क्रमों का योग |
8. विद्युत ऊर्जा एवं विद्युत शक्ति
विद्युत ऊर्जा
विद्युत परिपथ में आवेश को स्थानांतरित करने में किया गया कार्य विद्युत ऊर्जा से संबंधित है।
- SI मात्रक: जूल (J)
- व्यावहारिक मात्रक: किलोवाट-घंटा (kWh)
- 1 kWh = 3.6 × 106 J
विद्युत शक्ति
विद्युत ऊर्जा के खर्च होने की दर को विद्युत शक्ति कहते हैं।
SI मात्रक वाट (W) है। 1 horsepower = 746 W का संबंध भी प्रश्नों में दिया जा सकता है।
9. विद्युत सेल, EMF और आंतरिक प्रतिरोध
विद्युत सेल रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलकर परिपथ में धारा बनाए रखने में सहायता करता है।
EMF
एकांक आवेश को पूरे परिपथ में प्रवाहित करने के लिए सेल द्वारा दी गई कुल ऊर्जा प्रति इकाई आवेश को विद्युत वाहक बल या EMF कहते हैं। इसे E से दर्शाते हैं।
Terminal Voltage
बाहरी परिपथ के दो सिरों के बीच उपलब्ध विभवांतर को टर्मिनल विभवांतर V कहते हैं।
आंतरिक प्रतिरोध
सेल के भीतर उपस्थित इलेक्ट्रोलाइट और अन्य आंतरिक कारणों से धारा के प्रवाह में जो प्रतिरोध मिलता है, उसे आंतरिक प्रतिरोध r कहते हैं।
सेलों का संयोजन
यदि n समान सेल श्रेणीक्रम में हों, तो आदर्श स्थिति में कुल EMF nE और कुल आंतरिक प्रतिरोध nr माना जाता है। बाहरी प्रतिरोध R के साथ धारा:
m समान सेल समानांतर में होने पर, समान परिस्थितियों में प्रभावी आंतरिक प्रतिरोध r/m लिया जा सकता है और:
मिश्रित संयोजन में धारा अधिकतम करने के लिए बाहरी प्रतिरोध और प्रभावी आंतरिक प्रतिरोध के बीच उपयुक्त मिलान आवश्यक होता है। स्रोत सामग्री में इसकी स्थिति R = nr/m के रूप में दी गई है।
10. किरचॉफ के नियम
जब परिपथ में कई शाखाएँ, सेल और प्रतिरोध हों, तब केवल ओम के नियम से पूरा परिपथ हल करना कठिन हो सकता है। ऐसे मामलों में किरचॉफ के दो नियम उपयोगी हैं।
प्रथम नियम: संधि नियम (KCL)
किसी संधि पर आने वाली धाराओं का योग उस संधि से जाने वाली धाराओं के योग के बराबर होता है। बीजगणितीय रूप में:
यह नियम आवेश संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है।
द्वितीय नियम: लूप नियम (KVL)
किसी बंद लूप में सभी EMF और प्रतिरोधों के कारण होने वाले विभव परिवर्तनों का बीजगणितीय योग शून्य होता है। स्रोत सामग्री के रूप में इसे इस प्रकार लिखा गया है:
यह ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है। प्रश्न हल करते समय लूप की दिशा पहले तय करें और उसी दिशा के अनुसार cell तथा resistor के signs लें।
किरचॉफ के नियम लगाने की सरल विधि
- परिपथ में junction और independent loops पहचानें।
- हर शाखा में धारा की दिशा अनुमानित करें।
- संधियों पर प्रथम नियम लगाकर समीकरण बनाएँ।
- बंद लूप पर द्वितीय नियम लगाएँ।
- समीकरण हल करें। यदि किसी धारा का उत्तर ऋणात्मक आता है, तो इसका अर्थ वास्तविक दिशा अनुमानित दिशा के विपरीत है।
11. व्हीटस्टोन ब्रिज
चार प्रतिरोध P, Q, R और S से बना ऐसा परिपथ जिसमें गैल्वेनोमीटर की सहायता से अज्ञात प्रतिरोध ज्ञात किया जा सकता है, व्हीटस्टोन ब्रिज कहलाता है।
संतुलन की स्थिति
जब गैल्वेनोमीटर में धारा शून्य हो, अर्थात Ig = 0, तब ब्रिज संतुलित माना जाता है। संतुलन की शर्त:
संतुलन शर्त का व्युत्पादन
संतुलन की स्थिति में गैल्वेनोमीटर की धारा शून्य होती है। अतः ऊपरी और निचली शाखाओं की धाराओं को क्रमशः I1 और I2 मानकर किरचॉफ के नियम लगाए जाते हैं। स्रोत सामग्री में प्राप्त संबंध:
दोनों समीकरणों को विभाजित करने पर:
यही व्हीटस्टोन ब्रिज की संतुलन अवस्था है।
12. मीटर सेतु (Meter Bridge)
मीटर सेतु व्हीटस्टोन ब्रिज के सिद्धांत पर आधारित प्रयोगात्मक उपकरण है। इसमें सामान्यतः 1 मीटर लंबा समान तार होता है। संतुलन बिंदु की लंबाई मापकर अज्ञात प्रतिरोध ज्ञात किया जा सकता है।
यहाँ l संतुलन लंबाई cm में है और R तथा S परिपथ में लगाए गए प्रतिरोधों के अनुसार निर्धारित होते हैं। प्रश्न में दिए गए arrangement को देखकर यह तय करना आवश्यक है कि कौन-सा प्रतिरोध numerator में आएगा।
13. विभवमापी (Potentiometer)
विभवमापी एक ऐसा उपकरण है जिससे विभवांतर या सेल का EMF बहुत संवेदनशीलता के साथ तुलना या मापा जा सकता है। इसका आधार समान अनुप्रस्थ क्षेत्रफल वाले तार में विभवांतर और लंबाई के बीच संबंध है।
सिद्धांत
यदि तार में स्थिर धारा बह रही हो और तार समान हो, तो किसी लंबाई l के लिए विभवांतर V, लंबाई के समानुपाती होता है।
यहाँ K विभव प्रवणता (Potential Gradient) है।
दो सेलों के EMF की तुलना
सेल का आंतरिक प्रतिरोध
यहाँ R बाहरी प्रतिरोध तथा l1, l2 प्रश्न में प्रयुक्त अवस्थाओं की balancing lengths हैं।
विभवमापी की विशेषताएँ
- यह null method पर काम करता है।
- संतुलन स्थिति में परीक्षण सेल से मुख्य धारा नहीं ली जाती।
- दो EMF की तुलना करने में उपयोगी है।
- सेल का आंतरिक प्रतिरोध ज्ञात करने में उपयोग किया जा सकता है।
14. पूरे अध्याय के महत्वपूर्ण सूत्र
| विषय | सूत्र |
|---|---|
| विद्युत धारा | I = q/t, I = dq/dt |
| धारा घनत्व | J = I/A |
| अपवाह वेग | vd = -eEτ/m |
| धारा और drift velocity | I = nAe vd |
| गतिशीलता | μ = |vd|/E = eτ/m |
| ओम का नियम | V = IR |
| प्रतिरोधकता | R = ρL/A |
| चालकता | G = 1/R |
| विशिष्ट चालकता | σ = 1/ρ |
| ताप पर प्रतिरोध | RT = R0(1 + αΔT) |
| Series | R = R1 + R2 + ... |
| Parallel | 1/R = 1/R1 + 1/R2 + ... |
| ऊर्जा | W = VIt = I²Rt = V²t/R |
| शक्ति | P = VI = I²R = V²/R |
| Cell discharging | V = E - Ir |
| Cell charging | V = E + Ir |
| KCL | ΣI = 0 |
| KVL | ΣIR = ΣE |
| Wheatstone balance | P/Q = R/S |
| Meter bridge | S = R(100-l)/l |
| Potentiometer | V = Kl |
| EMF comparison | E1/E2 = l1/l2 |
| Internal resistance by potentiometer | r = R[(l1/l2) - 1] |
15. Numerical हल करने की सही विधि
विद्युत धारा के numerical में सबसे अधिक गलती formula चुनने और unit conversion में होती है। इसलिए हर प्रश्न को एक निश्चित क्रम में हल करें।
- दिया है: सभी quantities को symbols के साथ लिखें।
- मात्रक बदलें: minute को second, milliampere को ampere और kΩ को Ω में बदलें।
- ज्ञात करना है: question में माँगी गई quantity लिखें।
- सूत्र: उसी formula को चुनें जो दी गई quantities से सीधे जुड़ता हो।
- मान रखें: calculation step-by-step करें।
- उत्तर: final numerical value के साथ unit अवश्य लिखें।
उदाहरण 1: धारा से आवेश
प्रश्न: 2 A की धारा 5 मिनट तक बहती है। कुल आवेश ज्ञात करें।
हल: I = 2 A और t = 5 × 60 = 300 s.
अतः कुल आवेश 600 C है।
उदाहरण 2: इलेक्ट्रॉनों की संख्या
यदि q = 600 C और एक इलेक्ट्रॉन के आवेश का परिमाण 1.6 × 10-19 C है, तो:
अर्थात लगभग 3.75 × 1021 इलेक्ट्रॉन प्रवाहित हुए।
उदाहरण 3: Cell और बाहरी प्रतिरोध
प्रश्न: E = 12 V, r = 2 Ω और I = 2 A है। बाहरी प्रतिरोध R तथा terminal voltage V ज्ञात करें।
2 = 12/(R+2), इसलिए 2R + 4 = 12 और R = 4 Ω.
जाँच: V = E - Ir = 12 - 2×2 = 8 V. दोनों विधियों से समान उत्तर मिलता है।
16. आम गलतियाँ और उन्हें कैसे बचें
- धारा और धारा घनत्व को एक समझना: I की unit A है, जबकि J की unit A/m² है।
- Electron direction को conventional current direction मान लेना: दोनों दिशाएँ विपरीत होती हैं।
- Series और parallel को उलट देना: series में current समान और parallel में voltage समान होता है।
- ρ और R को एक समझना: R चालक के आकार पर निर्भर करता है, जबकि ρ पदार्थ और ताप पर निर्भर करता है।
- kWh को joule न बदलना: 1 kWh = 3.6 × 106 J.
- Cell के terminal voltage में sign भूलना: discharging के लिए V = E - Ir और charging के लिए V = E + Ir.
- Meter bridge में lengths उलट देना: balance point की दोनों lengths को diagram के अनुसार पहचानें।
- Potentiometer में l और L को मिलाना: l balance length है, जबकि L तार की कुल लंबाई हो सकती है।
- Numerical में unit छोड़ देना: अंतिम उत्तर के साथ unit लिखना जरूरी है।
17. परीक्षा में उत्तर कैसे लिखें
परिभाषा वाले प्रश्न में पहले एक स्पष्ट वाक्य लिखें, फिर आवश्यक सूत्र और SI मात्रक दें। Derivation वाले प्रश्न में केवल अंतिम formula न लिखें; intermediate steps भी दिखाएँ। Numerical में दिया है, सूत्र, मान रखने की प्रक्रिया और final answer का क्रम रखें। Diagram वाले प्रश्न में diagram साफ बनाकर उसके प्रमुख भागों को label करें।
परिभाषा + सूत्र/मात्रक।
परिभाषा + सूत्र + संक्षिप्त व्याख्या।
सिद्धांत + diagram + derivation + निष्कर्ष।
Given + Formula + Calculation + Unit.
18. अति महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न
- विद्युत धारा की SI unit क्या है?
उत्तर: ऐम्पियर (A)। - धारा घनत्व का SI मात्रक क्या है?
उत्तर: A/m². - विद्युत धारा किस प्रकार की राशि मानी जाती है?
उत्तर: अदिश राशि। - धारा की परंपरागत दिशा किसकी गति की दिशा मानी जाती है?
उत्तर: धनावेश की गति की दिशा। - J का सूत्र क्या है?
उत्तर: J = I/A. - Drift velocity का प्रतीक क्या है?
उत्तर: vd. - I और drift velocity में संबंध क्या है?
उत्तर: I = nAe vd. - Ohm's law का सूत्र क्या है?
उत्तर: V = IR. - प्रतिरोध की SI unit क्या है?
उत्तर: Ω. - प्रतिरोधकता की SI unit क्या है?
उत्तर: Ω·m. - Conductance का सूत्र क्या है?
उत्तर: G = 1/R. - Conductivity का सूत्र क्या है?
उत्तर: σ = 1/ρ. - Series में कौन-सी राशि समान रहती है?
उत्तर: धारा। - Parallel में कौन-सी राशि समान रहती है?
उत्तर: विभवांतर। - विद्युत शक्ति का सूत्र क्या है?
उत्तर: P = VI. - विद्युत ऊर्जा का व्यावहारिक मात्रक क्या है?
उत्तर: kWh. - Kirchhoff का प्रथम नियम किस संरक्षण पर आधारित है?
उत्तर: आवेश संरक्षण। - Kirchhoff का द्वितीय नियम किस संरक्षण पर आधारित है?
उत्तर: ऊर्जा संरक्षण। - Wheatstone bridge की balance condition क्या है?
उत्तर: P/Q = R/S. - Potentiometer में V और l का संबंध क्या है?
उत्तर: V ∝ l.
19. लघु उत्तरीय प्रश्न
किसी चालक के अनुप्रस्थ काट से प्रति इकाई समय में प्रवाहित आवेश की मात्रा विद्युत धारा कहलाती है। I = q/t.
बाहरी विद्युत क्षेत्र के कारण मुक्त इलेक्ट्रॉनों में उत्पन्न औसत दिशात्मक वेग को drift velocity कहते हैं।
प्रतिरोधकता पदार्थ की प्रकृति और तापमान पर निर्भर करती है।
सभी प्रतिरोधों में समान धारा बहती है और तुल्य प्रतिरोध सभी प्रतिरोधों के योग के बराबर होता है।
सभी शाखाओं पर समान विभवांतर रहता है और कुल धारा शाखाओं में विभाजित होती है।
EMF सेल द्वारा प्रति इकाई आवेश दी गई कुल ऊर्जा से संबंधित है, जबकि terminal voltage बाहरी परिपथ में उपलब्ध विभवांतर है। सेल से धारा लेने की अवस्था में V = E - Ir होता है, इसलिए terminal voltage सामान्यतः EMF से कम होता है।
किसी junction पर आने और जाने वाली धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है। यह आवेश संरक्षण पर आधारित है।
किसी बंद loop में EMF और resistance के कारण होने वाले potential changes का बीजगणितीय संतुलन ऊर्जा संरक्षण को दर्शाता है; ΣIR = ΣE लिखा जा सकता है।
यह null method पर कार्य करता है और संतुलन स्थिति में परीक्षण स्रोत से मुख्य धारा लेने की आवश्यकता नहीं होती।
जब galvanometer में current शून्य हो, तब bridge balanced होता है और P/Q = R/S संबंध मिलता है।
20. दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की तैयारी
प्रश्न: ओम के नियम को समझाइए।
ओम के नियम के अनुसार नियत भौतिक परिस्थितियों में विभवांतर और धारा समानुपाती होते हैं। इसलिए V/I नियत रहता है और इस नियतांक को प्रतिरोध R कहते हैं। अतः V = IR. परीक्षा में उत्तर के साथ V-I graph बनाना उपयोगी है।
प्रश्न: प्रतिरोधकता और प्रतिरोध में अंतर लिखिए।
| प्रतिरोध R | प्रतिरोधकता ρ |
|---|---|
| किसी विशेष चालक का resistance है। | पदार्थ का विशिष्ट गुण है। |
| R = ρL/A. | ρ = RA/L. |
| मात्रक Ω. | मात्रक Ω·m. |
| आकार और पदार्थ दोनों से प्रभावित होता है। | मुख्यतः पदार्थ और तापमान पर निर्भर होती है। |
प्रश्न: Kirchhoff के दोनों नियम समझाइए।
पहला नियम junction पर charge conservation से संबंधित है। दूसरा नियम closed loop में energy conservation से संबंधित है। जटिल network में शाखाओं की धाराएँ निर्धारित करने के लिए दोनों नियमों को साथ उपयोग किया जा सकता है।
प्रश्न: Potentiometer का सिद्धांत और दो उपयोग लिखिए।
समान तार में नियत धारा होने पर तार के किसी भाग का potential difference उसकी लंबाई के समानुपाती होता है, V = Kl. इसका उपयोग दो cells के EMF की तुलना और cell का internal resistance ज्ञात करने में किया जाता है।
21. अभ्यास के लिए Numerical Questions
- एक चालक में 3 A धारा 4 मिनट तक बहती है। कुल आवेश ज्ञात करें।
- एक तार का प्रतिरोध 8 Ω है और उसमें 2 A धारा बहती है। विभवांतर ज्ञात करें।
- एक 12 Ω प्रतिरोध को 6 V स्रोत से जोड़ा गया है। धारा ज्ञात करें।
- 2 Ω, 3 Ω और 5 Ω प्रतिरोध series में जुड़े हैं। तुल्य प्रतिरोध ज्ञात करें।
- 6 Ω और 3 Ω प्रतिरोध parallel में जुड़े हैं। तुल्य प्रतिरोध ज्ञात करें।
- 10 V और 2 A के लिए power ज्ञात करें।
- 100 W का उपकरण 5 घंटे चलता है। ऊर्जा Wh और kWh में ज्ञात करें।
- किसी सेल का E = 10 V, r = 1 Ω और बाहरी R = 4 Ω है। current ज्ञात करें।
- एक wire की लंबाई दोगुनी और area वही रखा जाए तो resistance पर क्या प्रभाव होगा?
- एक wire का area दोगुना कर दिया जाए और length वही रहे तो resistance कैसे बदलेगा?
- Wheatstone bridge में P = 2 Ω, Q = 4 Ω, R = 3 Ω है। balance के लिए S कितना होना चाहिए?
- Potentiometer में E₁/E₂ = 2/3 और l₁ = 40 cm है। l₂ ज्ञात करें।
22. Concept Check: बिना सूत्र देखे उत्तर दें
यदि वही current आधे area वाले तार से गुजरे तो current density क्या होगी?
Series circuit में एक resistor हटाने पर पूरा circuit क्यों प्रभावित होता है?
Parallel circuit में एक branch बंद होने पर दूसरी branch में voltage क्यों बना रहता है?
Metal का temperature बढ़ने पर resistance क्यों बढ़ता है?
Electron की drift direction conventional current से विपरीत क्यों होती है?
Potentiometer में balance point का अर्थ क्या है?
23. एक नजर में तुलना
| Concept | मुख्य बात |
|---|---|
| Current | प्रति इकाई समय आवेश का प्रवाह |
| Current density | प्रति unit area current |
| Drift velocity | विद्युत क्षेत्र के कारण औसत दिशात्मक electron velocity |
| Resistance | धारा के प्रवाह में रुकावट |
| Resistivity | पदार्थ का विशिष्ट resistance |
| Conductance | Resistance का reciprocal |
| EMF | स्रोत द्वारा प्रति unit charge दी गई कुल ऊर्जा |
| Internal resistance | Cell के अंदर धारा के प्रवाह की रुकावट |
| KCL | Charge conservation |
| KVL | Energy conservation |
| Wheatstone bridge | Balance condition से unknown resistance |
| Meter bridge | Wheatstone principle का practical arrangement |
| Potentiometer | Potential difference/EMF की तुलना और measurement |
24. अंतिम Revision Checklist
- I = q/t और I = dq/dt याद है।
- J = I/A और उसकी unit A/m² याद है।
- vd तथा I = nAe vd समझ में है।
- Ohm's law V = IR स्पष्ट है।
- R = ρL/A और σ = 1/ρ याद है।
- Temperature coefficient का अर्थ समझ में है।
- Series में current और parallel में voltage की विशेषता याद है।
- W = VIt तथा P = VI के वैकल्पिक forms याद हैं।
- Discharging cell के लिए V = E - Ir याद है।
- KCL और KVL के conservation principles अलग-अलग याद हैं।
- Wheatstone balance P/Q = R/S याद है।
- Meter bridge में balance length की दोनों sides पहचान सकते हैं।
- Potentiometer में V = Kl और E₁/E₂ = l₁/l₂ लागू कर सकते हैं।
25. संबंधित अध्याय
26. स्वयं जाँच अभ्यास
नीचे के प्रश्नों के उत्तर बिना नोट्स देखे लिखने का प्रयास करें:
- Current और current density में अंतर लिखिए।
- Drift velocity बहुत कम होने के बावजूद circuit में bulb तुरंत क्यों जल सकता है? इस प्रश्न का उत्तर देते समय electron drift और electric field की भूमिका समझाइए।
- Ohm's law की आवश्यक condition क्या है?
- Resistance और resistivity की SI units लिखिए।
- Series और parallel combination में equivalent resistance की तुलना कीजिए।
- 1 kWh को joule में बदलें।
- Cell discharging में terminal voltage EMF से कम क्यों होता है?
- KCL किस conservation law पर आधारित है?
- KVL किस conservation law पर आधारित है?
- Wheatstone bridge की balance condition लिखिए।
- Meter bridge किस principle पर आधारित है?
- Potentiometer का basic principle लिखिए।
- दो cells के EMF की तुलना का formula लिखिए।
- Internal resistance के लिए potentiometer formula लिखिए।
इन प्रश्नों को लिखकर अभ्यास करने से परिभाषा, formula और application तीनों प्रकार की तैयारी एक साथ हो जाती है।
27. विद्युत धारा को समझने का मूल विचार
विद्युत धारा को केवल एक formula के रूप में याद करने के बजाय उसके पीछे की प्रक्रिया समझना अधिक उपयोगी है। किसी धातु के तार में मुक्त इलेक्ट्रॉन पहले से मौजूद होते हैं। केवल तार मौजूद होने से उपयोगी विद्युत धारा नहीं बनती, क्योंकि सामान्य अवस्था में इलेक्ट्रॉनों की गति अलग-अलग दिशाओं में होती है। जब किसी स्रोत द्वारा विभवांतर लगाया जाता है, तो चालक के भीतर विद्युत क्षेत्र स्थापित होता है। इस क्षेत्र के कारण इलेक्ट्रॉनों की गति में एक औसत दिशात्मक घटक जुड़ जाता है। इसी दिशात्मक औसत गति को drift velocity से व्यक्त किया जाता है।
यहाँ एक महत्वपूर्ण बात यह है कि electron की microscopic गति और conventional current की दिशा को एक जैसा नहीं मानना चाहिए। इलेक्ट्रॉन ऋणात्मक आवेश रखते हैं, इसलिए उनका drift विद्युत क्षेत्र की दिशा के विपरीत होता है। परंपरागत रूप से current की दिशा धनावेश की गति की दिशा मानी जाती है। इसलिए circuit diagrams में current arrow और electron drift arrow विपरीत दिशा में हो सकते हैं।
धारा का परिमाण यह बताता है कि प्रति सेकंड कितना आवेश किसी cross-section से गुजर रहा है। यदि समान समय में अधिक आवेश गुजरता है तो current अधिक होगी। इसी कारण I = q/t एक बहुत मूलभूत संबंध है। जब current बदलती रहती है, तब छोटे समय अंतराल में dq/dt से instantaneous current बताई जाती है।
28. Drift Velocity से Current का संबंध समझिए
मान लें एक तार का cross-sectional area A है। चालक में प्रति इकाई आयतन n मुक्त इलेक्ट्रॉन हैं और प्रत्येक इलेक्ट्रॉन के आवेश का परिमाण e है। यदि सभी इलेक्ट्रॉनों का average drift speed vd है, तो समय t में electron एक effective दूरी vdt तय करेंगे। इस अवधि में उस cylinder जैसे volume में उपस्थित charge carriers की संख्या nA vdt के समानुपाती होगी। प्रत्येक carrier का charge e होने के कारण कुल charge को q = nAe vdt से व्यक्त किया जा सकता है।
अब current की परिभाषा I = q/t में यह मान रखने पर:
इस equation से तीन महत्वपूर्ण बातें दिखाई देती हैं। पहली, carrier density n बढ़ने पर current बढ़ सकती है। दूसरी, cross-sectional area A बढ़ने पर समान conditions में अधिक carriers एक साथ गुजर सकते हैं। तीसरी, drift velocity vd बढ़ने पर current बढ़ती है। इसी संबंध का area से भाग देने पर J = ne vd प्राप्त होता है।
Drift velocity का वास्तविक मान सामान्यतः बहुत छोटा होता है। इसलिए circuit में current को समझते समय यह नहीं मानना चाहिए कि source लगाने पर हर electron तुरंत बहुत तेज गति से तार के एक छोर से दूसरे छोर तक चला जाता है। विद्युत क्षेत्र पूरे circuit में स्थापित होने की प्रक्रिया और पहले से मौजूद charge carriers की collective response को अलग-अलग समझना चाहिए।
29. ओम का नियम: कब लागू करें और कब सावधान रहें
Ohm's law को numerical में लगाते समय सबसे पहले यह देखना चाहिए कि प्रश्न में conductor की physical conditions नियत मानी गई हैं या नहीं। यदि ऐसा है तो V और I का अनुपात constant resistance R देता है। इस स्थिति में V = IR सीधे लागू होता है।
Ohm's law का अर्थ यह नहीं है कि हर electrical device हमेशा V और I के बीच linear relation देगा। जिन devices में physical conditions बदलती हैं या जिनका V-I relation linear नहीं है, वहाँ simple ohmic relation को बिना जाँच के लागू नहीं करना चाहिए। परीक्षा में diode या अन्य non-ohmic device का उदाहरण देकर यह पूछा जा सकता है कि क्या वह Ohm's law का पालन करता है।
V-I graph पढ़ने की आदत
Graph वाले प्रश्न में axes ध्यान से देखें। यदि vertical axis V और horizontal axis I है, तो straight-line graph की slope V/I = R होगी। यदि axes उलटे हों, तो slope का अर्थ बदल जाएगा। इसलिए “slope = resistance” लिखने से पहले यह देखना आवश्यक है कि graph में किस quantity को vertical axis पर रखा गया है।
यदि graph मूल बिंदु से होकर सीधी रेखा बनाता है, तो V और I proportional हैं। यदि line सीधी है लेकिन origin से नहीं गुजरती, तो केवल graph देखकर V ∝ I का निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।
30. Resistance, Resistivity और Geometry को साथ समझें
R = ρL/A विद्युत धारा अध्याय का एक बहुत उपयोगी संबंध है। इसमें तीन अलग-अलग प्रकार की जानकारी एक साथ आती है। ρ पदार्थ की प्रकृति से जुड़ी है, L conductor की लंबाई बताती है और A उसका cross-sectional area बताता है। इसलिए किसी तार की geometry बदलने पर resistance बदल सकता है, जबकि उसी पदार्थ की resistivity समान temperature पर वही रह सकती है।
लंबाई बदलने पर
यदि area और material को समान रखते हुए तार की लंबाई दोगुनी कर दी जाए, तो R भी दोगुना होगा। यदि लंबाई आधी की जाए, तो R आधा होगा।
क्षेत्रफल बदलने पर
यदि length और material समान रखते हुए area दोगुना किया जाए, तो R आधा हो जाएगा। यदि area आधा किया जाए, तो R दोगुना होगा। यही कारण है कि बहुत मोटे और बहुत पतले तारों का resistance समान नहीं होता, भले ही वे एक ही material से बने हों और उनकी length समान हो।
इन दो relations को एक साथ जोड़ने पर R ∝ L/A और proportionality constant ρ लगाने पर R = ρL/A मिलता है।
31. Temperature Coefficient को numerical में कैसे लगाएँ
यदि किसी conductor का प्रारंभिक resistance R0 तापमान T0 पर दिया गया हो और नया तापमान T दिया हो, तो temperature difference पहले निकालें:
फिर:
यदि प्रश्न में temperature coefficient α दिया है, तो उसका sign भी ध्यान में रखें। Metals के लिए सामान्यतः α positive लिया जाता है। यदि किसी semiconductor के बारे में negative temperature coefficient दिया गया हो, तो equation में वही sign रखना चाहिए।
ऐसे numerical में Celsius और Kelvin temperature difference का numerical value समान रहता है, क्योंकि दोनों scales में एक degree का अंतर समान magnitude रखता है। फिर भी प्रश्न में दिए गए temperature values और coefficient की units को ध्यान से पढ़ें।
32. Series और Parallel: Numerical पहचानने का तरीका
किसी circuit diagram में पहले यह पहचानें कि resistors का connection कैसा है। यदि current के लिए केवल एक continuous path है और resistors क्रम से लगे हैं, तो series arrangement हो सकता है। यदि दो common nodes के बीच अलग-अलग branches हैं और प्रत्येक branch में resistor लगा है, तो parallel arrangement होगा।
Series में equivalent resistance निकालना सरल है:
उदाहरण के लिए 2 Ω, 3 Ω और 5 Ω series में हों, तो Req = 10 Ω. यदि इन्हें समान voltage source से जोड़ा जाए, तो current पूरे series path में समान रहेगा।
Parallel में reciprocal relation लगाना होता है:
दो resistors के लिए इसे सरल रूप में लिखा जा सकता है:
उदाहरण: 6 Ω और 3 Ω parallel में हों तो Req = 18/9 = 2 Ω. ध्यान दें कि 2 Ω दोनों में से छोटे 3 Ω से भी कम है, इसलिए answer physically reasonable है।
33. विद्युत शक्ति और Energy के व्यावहारिक प्रश्न
Power बताती है कि किसी electrical device में प्रति unit time कितनी energy transfer या consumption हो रही है। इसलिए high-power appliance समान समय में अधिक electrical energy consume कर सकता है।
यदि किसी appliance की rating 100 W है और वह 10 घंटे चलता है, तो energy:
यदि numerical में power watt में और time second में दिया गया है, तो energy joule में मिलेगी। यदि power kilowatt में और time hour में है, तो energy सीधे kWh में मिल सकती है।
Power के तीन common forms P = VI, P = I²R और P = V²/R हैं। प्रश्न में जो quantities उपलब्ध हों, उसके अनुसार सबसे सुविधाजनक form चुनें।
34. Cell और Internal Resistance को उदाहरण से समझें
Ideal cell के बारे में अक्सर यह माना जाता है कि वह अपने terminals पर fixed EMF देता है। वास्तविक cell में internal resistance r होने के कारण current flow होने पर कुछ voltage cell के अंदर ही drop हो जाता है। इसलिए discharging condition में external terminal voltage E से कम मिलता है:
यदि circuit open है और current लगभग zero है, तो Ir term बहुत छोटा या शून्य हो जाता है और terminal voltage EMF के करीब हो सकता है। यदि load current बढ़ता है, तो internal voltage drop Ir भी बढ़ता है और terminal voltage कम हो सकता है।
Numerical उदाहरण
मान लें E = 6 V, r = 1 Ω और external R = 5 Ω है। कुल resistance 6 Ω होगा। इसलिए:
Terminal voltage:
इसे V = IR से भी जाँचा जा सकता है: V = 1×5 = 5 V. दोनों methods का agreement calculation की अच्छी जाँच है।
35. Kirchhoff Numerical में Sign Convention
Kirchhoff के numerical में सबसे अधिक confusion sign convention को लेकर होता है। इसलिए calculation शुरू करने से पहले loop direction चुनें। फिर उसी direction में resistor को cross करने पर current की assumed direction के अनुसार potential drop या rise लिखें। Cell को उसके terminals के अनुसार rise या drop माना जाता है। अलग-अलग textbooks में presentation style थोड़ा अलग हो सकता है, लेकिन चुना हुआ sign convention पूरे equation में consistent होना चाहिए।
यदि equation solve करने पर current negative आए, तो equation जरूरी नहीं कि गलत हो। इसका अर्थ यह हो सकता है कि आपने current की वास्तविक दिशा के विपरीत direction assume की थी। Magnitude वही रहती है और actual direction assumed arrow के opposite होती है।
36. Wheatstone Bridge में Balance का अर्थ
Wheatstone bridge में galvanometer bridge की मध्य शाखा में जुड़ा होता है। जब bridge balanced होता है, तब galvanometer में current zero होता है। इसका अर्थ है कि galvanometer के दोनों ends पर potential समान है। इसी condition से resistance ratios के बीच balance relation प्राप्त होता है:
अज्ञात resistance वाले प्रश्न में इस equation को rearrange करके unknown resistance निकाला जाता है। उदाहरण के लिए यदि P = 2 Ω, Q = 4 Ω और R = 3 Ω है, तो:
ऐसे प्रश्न में units को consistent रखना जरूरी है। यदि सभी resistances ohm में हैं, तो unknown भी ohm में आएगा।
37. Meter Bridge में Balance Length
Meter bridge में 100 cm का uniform wire होता है। यदि jockey किसी point पर balance देता है, तो wire की दो effective lengths l और (100-l) cm होंगी। यही lengths resistance ratio में आती हैं। इसलिए diagram में balance point कहाँ है, इसे पहले पहचानें।
यदि source material में relation S = R(100-l)/l दिया गया है, तो उसी arrangement में l को balance point से संबंधित पहली length मानकर calculation करें। यदि circuit में R और S की positions उलटी दी गई हों, तो ratio भी उसी के अनुसार बदलेगा।
यहाँ सबसे common mistake 100-l को भूल जाना है। उदाहरण के लिए l = 40 cm हो तो दूसरी length 60 cm होगी, 40 cm नहीं।
38. Potentiometer में Potential Gradient
Potentiometer wire की कुल length L और उसके across potential difference V हो तो potential gradient K को:
से व्यक्त किया जाता है। यदि balance length l हो तो परीक्षण EMF के लिए:
दो cells के लिए समान potentiometer wire और conditions में K समान होने पर:
इस relation का मतलब है कि जिस cell का EMF अधिक होगा, उसके लिए balance length भी अधिक होगी, यदि बाकी conditions समान हों।
Potentiometer और Voltmeter में अंतर
Potentiometer null method पर काम करता है। balance condition में परीक्षण source से current draw नहीं होने के कारण EMF की accurate comparison में यह उपयोगी है। सामान्य voltmeter current draw करता है और उसके internal resistance के कारण measurement circuit को प्रभावित कर सकता है।
39. अध्याय के बहुत महत्वपूर्ण लिखित प्रश्न
- विद्युत धारा की परिभाषा, SI unit और dimensional formula लिखिए।
- धारा घनत्व को परिभाषित कर उसका SI unit लिखिए।
- Drift velocity से current का relation स्थापित कीजिए।
- Mobility क्या है? इसका SI unit लिखिए।
- Ohm's law लिखिए और V-I graph समझाइए।
- Resistance और resistivity में अंतर लिखिए।
- R = ρL/A संबंध को समझाइए।
- Temperature के साथ metallic resistance में परिवर्तन समझाइए।
- Carbon resistor color code समझाइए।
- Series और parallel combination के equivalent resistance के सूत्र लिखिए।
- Electrical energy और power के सूत्र लिखिए।
- EMF, terminal voltage और internal resistance को समझाइए।
- Kirchhoff के दोनों नियम लिखकर उनके आधारभूत conservation laws बताइए।
- Wheatstone bridge की balance condition प्राप्त कीजिए।
- Meter bridge का principle और formula लिखिए।
- Potentiometer का principle और applications लिखिए।
- दो cells के EMF की तुलना करने का तरीका समझाइए।
- Potentiometer से cell का internal resistance कैसे ज्ञात किया जाता है?
40. त्वरित अभ्यास: उत्तर खुद लिखें
- यदि I = 5 A और t = 20 s है, तो q कितना होगा?
- यदि q = 240 C और t = 60 s है, तो I कितना होगा?
- यदि I = 4 A और A = 2 × 10-4 m² है, तो J कितना होगा?
- यदि V = 20 V और I = 5 A है, तो R कितना होगा?
- यदि ρ = 2 × 10-6 Ωm, L = 2 m और A = 1 × 10-6 m² है, तो R कितना होगा?
- 2 Ω और 4 Ω series में हों तो Req कितना होगा?
- 2 Ω और 4 Ω parallel में हों तो Req कितना होगा?
- 12 V और 3 A के लिए power कितनी होगी?
- यदि E = 10 V, I = 2 A और r = 1 Ω है, तो terminal voltage कितना होगा?
- Wheatstone bridge में P/Q = 1/2 और R = 5 Ω हो तो S कितना होगा?
41. याद रखने योग्य छोटे बिंदु
- Current का symbol I और charge का q है।
- Current density का symbol J है।
- Drift velocity vd है।
- Mobility μ है।
- Resistance R और resistivity ρ हैं।
- Conductance G = 1/R है।
- Conductivity σ = 1/ρ है।
- Series में current समान होती है।
- Parallel में voltage समान होता है।
- Power = energy/time.
- Discharging cell: V = E - Ir.
- Charging cell: V = E + Ir.
- KCL = charge conservation.
- KVL = energy conservation.
- Wheatstone balance = P/Q = R/S.
- Potentiometer = V ∝ l.
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