Bihar Board Class 12th Physics Chapter 5 Notes in Hindi: चुम्बकत्व एवं द्रव्य (Magnetism and Matter)
इस अध्याय में हम चुम्बक के मूल गुणों से शुरुआत करके चुम्बकीय द्विध्रुव, छड़ चुम्बक के कारण चुम्बकीय क्षेत्र, चुम्बकीय फ्लक्स, चुम्बकत्व में गॉस का नियम, पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र और अलग-अलग पदार्थों के चुम्बकीय व्यवहार को समझेंगे। अध्याय का उद्देश्य केवल सूत्र याद करना नहीं, बल्कि यह समझना है कि चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा और पदार्थ का व्यवहार एक-दूसरे से कैसे जुड़े हैं।
1. चुम्बक क्या है?
वह पदार्थ जो लोहे, निकेल, कोबाल्ट जैसे कुछ पदार्थों को आकर्षित करता है और स्वतंत्र रूप से लटकाने पर लगभग उत्तर-दक्षिण दिशा में ठहरता है, चुम्बक कहलाता है। दैनिक जीवन में कम्पास, स्पीकर, मोटर, जनरेटर, विद्युत घंटी और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में चुम्बकीय गुणों का उपयोग मिलता है।
चुम्बक के मुख्य गुण
- द्विध्रुवीय प्रकृति: साधारण चुम्बक के दो ध्रुव होते हैं—उत्तर ध्रुव N और दक्षिण ध्रुव S।
- समान ध्रुवों में प्रतिकर्षण: N-N या S-S एक-दूसरे को दूर धकेलते हैं।
- असमान ध्रुवों में आकर्षण: N-S एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।
- चुम्बकीय प्रेरण: चुम्बक किसी उपयुक्त पदार्थ में बिना सीधे स्पर्श किए भी चुम्बकीय प्रभाव पैदा कर सकता है।
- ध्रुवों का अलग न होना: चुम्बक को बीच से काटने पर अलग-अलग N और S नहीं मिलते; प्रत्येक टुकड़ा फिर से N-S युक्त छोटा चुम्बक बन जाता है।
चुम्बकीय लंबाई और ज्यामितीय लंबाई
छड़ चुम्बक की वास्तविक ज्यामितीय लंबाई और उसके प्रभावी चुम्बकीय ध्रुवों के बीच की दूरी समान नहीं मानी जाती। दिए गए पाठ्य-संदर्भ में प्रभावी चुम्बकीय लंबाई को ज्यामितीय लंबाई का लगभग 5/6 माना गया है।
2. चुम्बकीय द्विध्रुव और द्विध्रुव आघूर्ण
जब एक छड़ चुम्बक को उसके दो विपरीत ध्रुवों वाले युग्म के रूप में समझते हैं, तो उसे चुम्बकीय द्विध्रुव माना जा सकता है। ध्रुवों की प्रभावी प्रबलता और उनके बीच की चुम्बकीय दूरी मिलकर चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण निर्धारित करती है।
- M — चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण
- m — ध्रुव प्रबलता
- 2l — चुम्बकीय लंबाई
- SI मात्रक — A·m² या J/T
- दिशा — S से N की ओर
3. छड़ चुम्बक के कारण चुम्बकीय क्षेत्र
छड़ चुम्बक के आसपास अलग-अलग स्थानों पर चुम्बकीय क्षेत्र का मान समान नहीं होता। किसी बिंदु की स्थिति बताने के लिए अक्षीय (axial) और निरक्षीय/विषुवतीय (equatorial) स्थितियों का प्रयोग किया जाता है।
3.1 अक्षीय स्थिति
अक्षीय स्थिति में बिंदु चुम्बक के अनुदैर्ध्य अक्ष पर होता है। यदि केंद्र से दूरी r हो, तो दिए गए संदर्भ के अनुसार क्षेत्र का व्यंजक:
जब चुम्बक छोटा हो और r ≫ l हो, तो:
3.2 निरक्षीय या विषुवतीय स्थिति
निरक्षीय स्थिति में बिंदु चुम्बक के केंद्र से जाने वाली लंब-समद्विभाजक रेखा पर होता है। दिए गए संदर्भ के अनुसार:
छोटे चुम्बक के लिए:
4. चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ
चुम्बकीय क्षेत्र को समझने के लिए काल्पनिक चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं का उपयोग किया जाता है। किसी बिंदु पर क्षेत्र की दिशा उस बिंदु पर क्षेत्र रेखा की स्पर्शरेखा से बताई जाती है। जहाँ रेखाएँ अधिक सघन होती हैं, वहाँ चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता अधिक मानी जाती है।
- चुम्बक के बाहर क्षेत्र रेखाएँ N से S की ओर जाती हैं।
- चुम्बक के अंदर वे S से N की ओर जाती हैं।
- इस प्रकार चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ बंद वक्र बनाती हैं।
- दो क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को नहीं काटतीं, क्योंकि एक बिंदु पर क्षेत्र की दिशा एक ही होनी चाहिए।
5. चुम्बकीय फ्लक्स
किसी सतह से गुजरने वाले चुम्बकीय क्षेत्र का कुल प्रभाव चुम्बकीय फ्लक्स कहलाता है। यदि समान चुम्बकीय क्षेत्र B में क्षेत्रफल A की सतह रखी हो और क्षेत्र तथा सतह के अभिलंब के बीच θ कोण हो, तो:
SI मात्रक वेबर (Wb) है। यदि क्षेत्र सतह के अभिलंब के समानांतर हो तो θ = 0° और फ्लक्स अधिकतम होता है। यदि क्षेत्र सतह के समानांतर हो तो θ = 90° और फ्लक्स शून्य होता है।
6. चुम्बकत्व में गॉस का नियम
किसी बंद पृष्ठ से निकलने वाला कुल चुम्बकीय फ्लक्स शून्य होता है। इसका अर्थ यह है कि जितनी क्षेत्र रेखाएँ बंद पृष्ठ में प्रवेश करती हैं, उतनी ही बाहर निकलती हैं। यह चुम्बकीय ध्रुवों की द्विध्रुवीय प्रकृति से जुड़ा है।
विद्युत क्षेत्र के स्रोत के रूप में अकेला आवेश हो सकता है, लेकिन चुम्बकीय क्षेत्र के लिए स्वतंत्र चुम्बकीय monopole को इस अध्याय के मॉडल में स्रोत के रूप में नहीं लिया जाता।
7. पृथ्वी का चुम्बकत्व
पृथ्वी के आसपास चुम्बकीय क्षेत्र पाया जाता है। कम्पास की सुई इसी क्षेत्र के कारण एक निश्चित दिशा में ठहरती है। पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र को समझने के लिए दिकपात, नमन और क्षैतिज घटक जैसे शब्द महत्वपूर्ण हैं।
7.1 दिकपात कोण (Declination)
किसी स्थान पर भौगोलिक याम्योत्तर और चुम्बकीय याम्योत्तर के बीच का क्षैतिज कोण दिकपात कोण कहलाता है। इसे सामान्यतः θ से दर्शाया जाता है।
7.2 नमन कोण (Dip or Inclination)
पृथ्वी का कुल चुम्बकीय क्षेत्र BE क्षैतिज तल के साथ जो कोण बनाता है, उसे नमन कोण δ कहते हैं।
- चुम्बकीय ध्रुवों के पास नमन कोण लगभग 90° होता है।
- चुम्बकीय विषुवत क्षेत्र में नमन कोण लगभग 0° होता है।
7.3 पृथ्वी के क्षेत्र के घटक
BV = BE sinδ
tanδ = BV/BH
BE = √(BH² + BV²)
8. पदार्थों का चुम्बकीय वर्गीकरण
बाहरी चुम्बकीय क्षेत्र में अलग-अलग पदार्थ अलग तरह से व्यवहार करते हैं। सामान्य अध्ययन के लिए इन्हें प्रतिचुम्बकीय (diamagnetic), अनुचुम्बकीय (paramagnetic) और लौहचुम्बकीय (ferromagnetic) श्रेणियों में बाँटा जाता है।
| गुण | प्रतिचुम्बकीय | अनुचुम्बकीय | लौहचुम्बकीय |
|---|---|---|---|
| क्षेत्र में व्यवहार | कमजोर प्रतिकर्षण | कमजोर आकर्षण | प्रबल आकर्षण |
| चुम्बकीय प्रवृत्ति χm | ऋणात्मक और छोटी | धनात्मक और छोटी | धनात्मक और बहुत बड़ी |
| μr | 1 से थोड़ा कम | 1 से थोड़ा अधिक | 1 से बहुत अधिक हो सकती है |
| उदाहरण | Bi, Cu, जल, Au | Al, Pt, O₂ | Fe, Ni, Co |
| ताप का प्रभाव | तुलनात्मक रूप से बहुत कम | ताप बढ़ने पर χ घटती है | क्यूरी ताप के ऊपर व्यवहार बदलता है |
8.1 प्रतिचुम्बकीय पदार्थ
प्रतिचुम्बकीय पदार्थ बाहरी चुम्बकीय क्षेत्र में बहुत कमजोर रूप से प्रतिकर्षित होते हैं। इनमें प्रेरित चुम्बकीय प्रभाव बाहरी क्षेत्र के विपरीत दिशा में बनता है। इनकी magnetic susceptibility ऋणात्मक और छोटी होती है। बिस्मथ और तांबा इसके सामान्य उदाहरण हैं।
8.2 अनुचुम्बकीय पदार्थ
अनुचुम्बकीय पदार्थ बाहरी चुम्बकीय क्षेत्र की ओर कमजोर आकर्षण दिखाते हैं। इनकी susceptibility धनात्मक और छोटी होती है। ताप बढ़ने पर इनका चुम्बकीय प्रभाव सामान्यतः कम होता है। एल्यूमीनियम और प्लैटिनम इसके उदाहरण हैं।
8.3 लौहचुम्बकीय पदार्थ
लौहचुम्बकीय पदार्थ बाहरी क्षेत्र से बहुत अधिक प्रभावित होते हैं और प्रबल चुम्बकत्व प्राप्त कर सकते हैं। लोहा, निकेल और कोबाल्ट इसके प्रमुख उदाहरण हैं। इनके अंदर सूक्ष्म magnetic domains की अवधारणा से इनके व्यवहार को समझना आसान होता है।
9. चुम्बकीय प्रवृत्ति, चुम्बकीय क्षेत्र और आपेक्षिक चुम्बकशीलता
पदार्थ के चुम्बकीय व्यवहार को समझने के लिए magnetization, magnetic susceptibility और relative permeability जैसे राशियों का प्रयोग किया जाता है।
यहाँ M magnetization और H magnetizing field है। पदार्थ की प्रतिक्रिया को सरल रूप में B और H के संबंध से भी समझा जा सकता है।
यहाँ μ पदार्थ की permeability, μ0 निर्वात की permeability और μr relative permeability है।
10. क्यूरी का नियम
अनुचुम्बकीय पदार्थों के लिए चुम्बकीय प्रवृत्ति का ताप पर निर्भरता क्यूरी के नियम से व्यक्त की जाती है।
यहाँ C क्यूरी नियतांक और T परम ताप है। इसका अर्थ है कि ताप बढ़ने पर अनुचुम्बकीय susceptibility घटती है। Numerical में Celsius को सीधे formula में न रखें; तापमान को Kelvin में बदलना आवश्यक हो सकता है।
11. क्यूरी ताप
लौहचुम्बकीय पदार्थ के लिए एक निश्चित तापमान के ऊपर उसका लौहचुम्बकीय व्यवहार समाप्त होकर अनुचुम्बकीय जैसा व्यवहार दिखाई दे सकता है। इस तापमान को क्यूरी ताप कहते हैं। दिए गए स्रोत के अनुसार लोहे के लिए इसका मान लगभग 1043 K अर्थात 770°C बताया गया है।
12. चुम्बकीय डोमेन
लौहचुम्बकीय पदार्थ के भीतर बहुत छोटे-छोटे क्षेत्रों की कल्पना की जाती है जिन्हें magnetic domains कहते हैं। किसी बिना चुम्बकित नमूने में इन domains की दिशाएँ अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए उनका कुल प्रभाव कम दिखाई देता है। बाहरी चुम्बकीय क्षेत्र लगाने पर कई domains अधिक समान दिशा में व्यवस्थित हो सकते हैं और पदार्थ मजबूत चुम्बकीय व्यवहार दिखाता है।
डोमेन मॉडल से समझने योग्य बातें
- डोमेन का समान दिशा में अधिक व्यवस्थित होना magnetization बढ़ा सकता है।
- बाहरी क्षेत्र हटाने के बाद कुछ पदार्थों में चुम्बकत्व बचा रह सकता है।
- इसी कारण permanent magnet और electromagnet के पदार्थों की जरूरतें अलग होती हैं।
13. शैथिल्य (Hysteresis)
जब लौहचुम्बकीय पदार्थ को चुम्बकित और विचुम्बकित करते समय B का परिवर्तन H के साथ होता है, तो B और H के बीच एक loop बन सकता है। इस घटना को hysteresis कहते हैं। सरल भाषा में, पदार्थ का magnetization बाहरी magnetizing field के परिवर्तन के साथ बिल्कुल उसी क्षण नहीं बदलता, बल्कि कुछ पीछे रह जाता है।
13.1 अवशेष चुम्बकत्व (Retentivity)
जब magnetizing field को वापस शून्य कर दिया जाए, तब पदार्थ में बचा हुआ चुम्बकत्व residual magnetism या retentivity से संबंधित होता है। जिस पदार्थ में यह क्षमता अधिक होती है, वह permanent magnet बनाने के लिए उपयोगी हो सकता है।
13.2 निग्राहिता (Coercivity)
पदार्थ के बचे हुए चुम्बकत्व को शून्य करने के लिए विपरीत दिशा में आवश्यक magnetizing field की मात्रा coercivity कहलाती है। permanent magnet के लिए सामान्यतः उच्च coercivity उपयोगी होती है, जबकि electromagnet के लिए कम coercivity वांछनीय होती है ताकि चुम्बकत्व जल्दी बदला या हटाया जा सके।
14. स्थायी चुम्बक और विद्युत चुम्बक
| विशेषता | स्थायी चुम्बक | विद्युत चुम्बक |
|---|---|---|
| चुम्बकत्व | बाहरी स्रोत हटने के बाद भी काफी हद तक बना रहना चाहिए | धारा के साथ नियंत्रित किया जाता है |
| पदार्थ | स्टील, Alnico जैसे पदार्थ | नर्म लोहा जैसे पदार्थ |
| Retentivity | अधिक उपयोगी | बहुत अधिक होना आवश्यक नहीं |
| Coercivity | अधिक उपयोगी | कम उपयोगी ताकि जल्दी demagnetize हो सके |
| उपयोग | कम्पास, स्थायी चुम्बकीय उपकरण | रिले, घंटी, विद्युत उपकरणों में नियंत्रित magnetism |
15. नरम लोहा और कठोर चुम्बकीय पदार्थ
Soft iron आसानी से magnetize और demagnetize हो सकता है। इसलिए electromagnet में इसका उपयोग सुविधाजनक है। दूसरी ओर permanent magnet के लिए ऐसा पदार्थ चाहिए जो चुम्बकत्व को लंबे समय तक बनाए रख सके और विपरीत क्षेत्र के प्रति पर्याप्त resistance दिखाए।
16. सूत्रों का एक जगह पुनरावर्तन
| विषय | महत्वपूर्ण सूत्र |
|---|---|
| चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण | M = m(2l) |
| अक्षीय क्षेत्र, छोटा चुम्बक | Baxial = (μ₀/4π)(2M/r³) |
| निरक्षीय क्षेत्र, छोटा चुम्बक | Bequatorial = (μ₀/4π)(M/r³) |
| चुम्बकीय फ्लक्स | Φ = BA cosθ |
| गॉस का नियम | ∮B⃗·dA⃗ = 0 |
| क्षैतिज घटक | BH = BE cosδ |
| ऊर्ध्वाधर घटक | BV = BE sinδ |
| नमन कोण | tanδ = BV/BH |
| क्यूरी नियम | χm = C/T |
| चुम्बकीय संबंध | B = μ₀ μrH |
17. Solved Numerical 1: पृथ्वी के क्षेत्र का horizontal component
प्रश्न: किसी स्थान पर पृथ्वी के कुल चुम्बकीय क्षेत्र का मान BE = 5 × 10−5 T है और dip angle 60° है। horizontal component ज्ञात कीजिए।
हल:
= 5 × 10−5 × cos60°
= 5 × 10−5 × 1/2
BH = 2.5 × 10−5 T
18. Solved Numerical 2: Dip angle से vertical component
प्रश्न: यदि BH = 3 × 10−5 T और BV = 4 × 10−5 T है, तो कुल क्षेत्र और dip angle ज्ञात करें।
= √(9 + 16) × 10−5 = 5 × 10−5 T
अतः δ = tan−1(4/3), जिसका मान लगभग 53.1° है।
19. Solved Numerical 3: क्यूरी नियम
प्रश्न: किसी अनुचुम्बकीय पदार्थ के लिए C = 0.04 K और ताप T = 200 K है। susceptibility ज्ञात करें।
उत्तर: χm = 2 × 10−4
20. परीक्षा में पूछे जाने वाले Conceptual Differences
| प्रतिचुम्बकीय | अनुचुम्बकीय |
|---|---|
| कमजोर प्रतिकर्षण | कमजोर आकर्षण |
| χ ऋणात्मक | χ धनात्मक |
| μr थोड़ा कम than 1 | μr थोड़ा अधिक than 1 |
| उदाहरण: Bi, Cu | उदाहरण: Al, Pt |
| स्थायी चुम्बक | विद्युत चुम्बक |
|---|---|
| चुम्बकत्व बनाए रखना जरूरी | चुम्बकत्व को चालू-बंद करना सुविधाजनक |
| High retentivity | Low coercivity व high permeability उपयोगी |
| Steel/Alnico जैसे पदार्थ | Soft iron जैसे पदार्थ |
21. Common Mistakes — जिनसे अंक कट सकते हैं
- Magnetic field B और magnetizing field H को एक ही राशि मान लेना।
- Dip angle में horizontal और vertical components उलट देना।
- χm का sign याद न रखना—diamagnetic में negative और paramagnetic में positive।
- Axial और equatorial field के formulas बदल देना।
- Magnetic moment की दिशा S से N भूल जाना।
- Permanent magnet और electromagnet के पदार्थों की आवश्यकताओं को उलट देना।
- Curie law में Celsius temperature डाल देना जबकि formula absolute temperature पर आधारित है।
- Flux formula में angle को field और normal के बीच की दिशा के बजाय surface से लिया हुआ मान लेना।
22. बोर्ड परीक्षा में उत्तर कैसे लिखें?
परिभाषा वाले प्रश्न में पहले स्पष्ट definition लिखें। उसके बाद symbol और SI unit दें। Numerical में “दिया है”, “ज्ञात करना है”, “सूत्र”, “मान रखने पर”, और “उत्तर” क्रम रखें। Derivation में चित्र, assumptions और अंतिम boxed result देना उत्तर को पढ़ने योग्य बनाता है।
23. VVI Objective Questions
- चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण की दिशा किस ओर होती है?
उत्तर: S से N की ओर। - चुम्बकीय फ्लक्स का SI मात्रक क्या है?
उत्तर: वेबर (Wb)। - चुम्बकत्व में गॉस के नियम के अनुसार बंद पृष्ठ से कुल flux कितना है?
उत्तर: शून्य। - चुम्बकीय ध्रुवों पर dip angle कितना होता है?
उत्तर: लगभग 90°। - चुम्बकीय विषुवत क्षेत्र में dip angle कितना होता है?
उत्तर: लगभग 0°। - Diamagnetic पदार्थ की susceptibility कैसी होती है?
उत्तर: ऋणात्मक और छोटी। - Paramagnetic पदार्थ की susceptibility कैसी होती है?
उत्तर: धनात्मक और छोटी। - Iron किस प्रकार का पदार्थ है?
उत्तर: Ferromagnetic। - Curie law क्या है?
उत्तर: χm = C/T। - Hysteresis किससे संबंधित है?
उत्तर: magnetization के परिवर्तन और बाहरी magnetizing field के बीच lag से। - Retentivity क्या बताती है?
उत्तर: field हटने के बाद बचा चुम्बकत्व। - Coercivity क्या बताती है?
उत्तर: बचा magnetism समाप्त करने के लिए आवश्यक विपरीत field। - Electromagnet के लिए कौन-सा पदार्थ उपयोगी है?
उत्तर: Soft iron जैसे high-permeability और आसानी से demagnetize होने वाले पदार्थ। - Permanent magnet के लिए कौन-सा गुण महत्वपूर्ण है?
उत्तर: उच्च retentivity और पर्याप्त उच्च coercivity। - BH का संबंध क्या है?
उत्तर: BH = BE cosδ।
24. लघु उत्तरीय प्रश्न
उत्तर: ध्रुव प्रबलता और चुम्बकीय लंबाई के गुणनफल को चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण कहते हैं। M = m(2l)।
उत्तर: किसी बंद पृष्ठ से कुल चुम्बकीय flux शून्य होता है: ∮B⃗·dA⃗ = 0।
उत्तर: पृथ्वी के कुल चुम्बकीय क्षेत्र और क्षैतिज तल के बीच का कोण dip angle कहलाता है।
उत्तर: Retentivity field हटने के बाद बचे magnetism को दर्शाती है, जबकि coercivity उस magnetism को शून्य करने के लिए आवश्यक विपरीत field को दर्शाती है।
उत्तर: Paramagnetic पदार्थ के लिए χm = C/T।
25. दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की तैयारी
- छड़ चुम्बक के अक्षीय और निरक्षीय क्षेत्र का व्यंजक समझाइए।
- पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र के अवयवों का चित्र सहित वर्णन कीजिए।
- Diamagnetic, paramagnetic और ferromagnetic पदार्थों की तुलना कीजिए।
- Hysteresis loop बनाकर retentivity और coercivity समझाइए।
- Permanent magnet और electromagnet के लिए पदार्थ का चयन समझाइए।
- Magnetic flux तथा Gauss law in magnetism की व्याख्या कीजिए।
- Magnetic moment की परिभाषा, SI unit और दिशा समझाइए।
26. 10-दिन का Revision Plan
| दिन | पढ़ने वाला भाग | Revision task |
|---|---|---|
| 1 | Magnet और basic properties | 10 definitions |
| 2 | Magnetic moment और field | दो मुख्य formulas |
| 3 | Axial/equatorial field | diagram + formula |
| 4 | Flux और Gauss law | 5 conceptual questions |
| 5 | Earth magnetism | components का diagram |
| 6 | Magnetic materials | comparison table याद करें |
| 7 | Curie law/temperature | 2 numericals |
| 8 | Hysteresis | loop खुद बनाएं |
| 9 | VVI questions | objective + short answer |
| 10 | Full revision | बिना notes के formulas लिखें |
27. Quick Revision Checklist
N-S poles, attraction/repulsion, induction
M = m(2l), direction S → N
Axial और equatorial expressions
Φ = BA cosθ
Closed-surface magnetic flux = 0
Declination, dip, BH, BV
Dia, Para, Ferro
χ = C/T
Retentivity + Coercivity
Permanent magnet vs electromagnet
28. स्वयं जाँच के लिए अभ्यास प्रश्न
- एक छोटा magnetic dipole किसी बिंदु से r दूरी पर रखा है। Axial field की dependence r पर क्या होगी?
- यदि dip angle बढ़ता है, तो BH पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
- किस प्रकार के पदार्थ की susceptibility negative होती है?
- यदि χ = C/T है और ताप दोगुना कर दिया जाए तो χ पर क्या प्रभाव होगा?
- Hysteresis loop का क्षेत्रफल किस प्रकार की भौतिक जानकारी देता है?
- क्यों soft iron electromagnet में उपयोगी है?
- क्यों permanent magnet के लिए high coercivity उपयोगी है?
- Magnetic field lines बंद loops क्यों बनाती हैं?
- क्या magnetic monopole को इस अध्याय के सामान्य मॉडल में स्वतंत्र स्रोत माना जाता है?
- BE, BH, BV के बीच संबंध लिखिए।
29. अध्याय का अंतिम सार
चुम्बकत्व एवं द्रव्य अध्याय में चुम्बक के मूल गुणों से आगे बढ़कर magnetic dipole और उसके field को समझा जाता है। छड़ चुम्बक की axial तथा equatorial positions में field expressions परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। Magnetic flux और Gauss law यह समझाते हैं कि closed surface के लिए net magnetic flux zero होता है। पृथ्वी का magnetic field declination, dip angle और horizontal तथा vertical components से समझा जाता है।
पदार्थों के व्यवहार में diamagnetic, paramagnetic और ferromagnetic वर्ग सबसे महत्वपूर्ण हैं। Curie law paramagnetic पदार्थ के लिए temperature dependence बताता है, जबकि Curie temperature ferromagnetic behavior के बदलने से संबंधित है। Hysteresis से retentivity और coercivity समझने में मदद मिलती है। इसी आधार पर permanent magnets और electromagnets के लिए अलग-अलग materials चुने जाते हैं।
30. अंतिम Formula Revision
Baxial ≈ (μ₀/4π)(2M/r³)
Bequatorial ≈ (μ₀/4π)(M/r³)
Φ = BA cosθ
∮B⃗·dA⃗ = 0
BH = BEcosδ
BV = BEsinδ
tanδ = BV/BH
χm = C/T
B = μ₀μrH
अध्याय समाप्त — अब formulas को एक बार बिना देखे लिखें और ऊपर दिए VVI questions में से कम-से-कम 10 प्रश्न स्वयं हल करें।
31. Concept Builder: किस स्थिति में कौन-सा सूत्र?
इस अध्याय में कई formulas एक जैसे दिखाई देते हैं, इसलिए सबसे पहले प्रश्न में दी गई स्थिति पहचानना जरूरी है। यदि प्रश्न छड़ चुम्बक के axis पर बिंदु की बात करता है, तो axial field वाला relation देखें। यदि बिंदु centre से perpendicular bisector पर है, तो equatorial field वाला relation चुनें। यदि पृथ्वी के field के साथ angle दिया है, तो horizontal और vertical components के relations उपयोग करें। यदि पदार्थ के temperature और susceptibility का संबंध पूछा गया है, तो paramagnetic material के लिए Curie law ध्यान में रखें।
Formula लगाने से पहले units भी जाँचें। दूरी meter में, magnetic field tesla में और temperature Kelvin में रखने से calculation में अनावश्यक गलती कम होती है। अगर प्रश्न में centimetre दिया है, तो formula में रखने से पहले उसे metre में बदलना अक्सर सुरक्षित तरीका है। इसी तरह degree को calculator में सही mode पर रखें।
32. Diagram Practice
इस chapter में diagrams केवल सजावट नहीं हैं। Board answer में labelled diagram किसी अवधारणा को स्पष्ट करने का सबसे तेज तरीका है। Bar magnet बनाते समय N और S को स्पष्ट लिखें। Earth magnetism के diagram में BE, BH, BV और δ की positions दिखाएँ। Hysteresis diagram में axes और retentivity/coercivity को पहचानने योग्य रखें। यदि प्रश्न “explain with diagram” कहता है तो केवल paragraph लिखकर न छोड़ें।
स्वयं अभ्यास के लिए पहले blank page पर bar magnet बनाइए। उसके बाद field lines बनाइए और arrow direction लगाइए। फिर Earth-field triangle बनाकर horizontal तथा vertical components लिखिए। अंत में hysteresis loop बनाकर दोनों मुख्य quantities mark करें। यह तरीका याद करने के बजाय concept को visual memory से जोड़ता है।
33. परीक्षा से पहले 15 मिनट की Revision Strategy
- पहले 5 मिनट में दस मुख्य formulas लिखें।
- अगले 3 मिनट में diamagnetic, paramagnetic और ferromagnetic की तुलना पढ़ें।
- अगले 2 मिनट में Earth magnetism के तीन terms—declination, dip और horizontal component—दोहराएँ।
- अगले 2 मिनट में retentivity और coercivity का अंतर देखें।
- अंतिम 3 मिनट में दो numerical formulas और तीन objective questions बिना देखे बोलकर याद करें।
34. परीक्षा में शब्दों की सटीकता
“चुम्बकीय क्षेत्र” और “चुम्बकीय फ्लक्स” एक ही चीज नहीं हैं। Field किसी बिंदु पर क्षेत्र की strength और direction से जुड़ा vector quantity है, जबकि flux किसी सतह से गुजरने वाले field के प्रभाव से संबंधित scalar quantity है। इसी तरह “चुम्बकीय प्रवृत्ति” और “आपेक्षिक चुम्बकशीलता” अलग quantities हैं। उत्तर में इनके symbols सही लिखने से examiner को आपकी अवधारणा स्पष्ट दिखाई देती है।
“धारणाशीलता” और “निग्राहिता” भी अलग concepts हैं। Retentivity को field हटाने के बाद बचा magnetism समझें और coercivity को उसे समाप्त करने के लिए आवश्यक reverse field. इन दोनों को एक-दूसरे की जगह लिखना सामान्य गलती है।
35. Mini Test
उत्तर: BV = BE sin0° = 0.
उत्तर: BH = BE cos90° = 0.
उत्तर: घटेगा, यदि C नियत है।
उत्तर: Diamagnetic material.
उत्तर: Ferromagnetic material.
उत्तर: Weber.
उत्तर: A·m² या J/T.
उत्तर: Closed surface का net magnetic flux zero.
36. चुम्बकीय क्षेत्र को रोजमर्रा की चीजों से समझें
कम्पास की सुई को किसी चुम्बक के पास ले जाने पर उसकी दिशा बदल जाती है। इसका कारण यह है कि सुई स्वयं एक छोटा चुम्बकीय द्विध्रुव की तरह व्यवहार करती है और बाहरी चुम्बकीय क्षेत्र के अनुसार अपना orientation बदलती है। इस उदाहरण से यह समझा जा सकता है कि चुम्बकीय क्षेत्र को सीधे आँखों से नहीं देखा जाता, लेकिन उसके प्रभाव को दिशा, आकर्षण, प्रतिकर्षण और बलाघूर्ण के रूप में पहचाना जा सकता है।
यदि एक छड़ चुम्बक को स्वतंत्र रूप से लटकाया जाए तो वह लगभग उत्तर-दक्षिण दिशा में रुकता है। इसे केवल “चुम्बक उत्तर को पहचानता है” के रूप में याद करने के बजाय पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र और चुम्बकीय द्विध्रुव के बीच interaction के रूप में समझना बेहतर है। इसी कारण navigation में compass का उपयोग लंबे समय से किया जाता रहा है।
Field lines को भी एक visual model की तरह लें। जहाँ lines पास-पास हों, वहाँ field comparatively strong माना जाता है। जहाँ lines दूर हों, वहाँ field comparatively weak माना जाता है। यह representation calculation का substitute नहीं है, लेकिन direction और relative strength को जल्दी समझने में बहुत उपयोगी है।
37. चुम्बकीय द्विध्रुव को सरल उदाहरण से समझें
मान लीजिए एक छोटी छड़ चुम्बक के दोनों सिरों पर N और S ध्रुव हैं। यदि इसे किसी बाहरी uniform magnetic field में रखा जाए, तो दोनों ध्रुवों पर बल लग सकते हैं। ये बल सामान्यतः बराबर परिमाण के और विपरीत दिशाओं के होते हैं। इसलिए कुल translational force शून्य हो सकता है, लेकिन दोनों forces एक couple बना सकते हैं और चुम्बक को घुमाने की प्रवृत्ति पैदा कर सकते हैं। इसी विचार से torque और magnetic dipole moment की अवधारणा जुड़ती है।
यहाँ θ magnetic moment और external magnetic field के बीच कोण है। जब θ = 0° या 180° हो, तो sinθ = 0 और torque शून्य होता है। जब θ = 90° हो, तो torque maximum होता है। यह बात numerical और conceptual दोनों प्रकार के प्रश्नों में उपयोगी है।
यद्यपि इस अध्याय का मुख्य focus magnetism and matter है, magnetic dipole की यह समझ आगे electromagnetic devices और magnetic field में current loops के अध्ययन से भी जुड़ती है। इसलिए M की दिशा और angle को ठीक से समझना जरूरी है।
38. Axial और Equatorial स्थिति में अंतर
| बिंदु | Axial Position | Equatorial Position |
|---|---|---|
| स्थान | चुम्बक की axis पर | axis के perpendicular bisector पर |
| छोटे चुम्बक के लिए field | (μ₀/4π)(2M/r³) | (μ₀/4π)(M/r³) |
| समान दूरी पर तुलना | लगभग दो गुना | reference value |
| पहचानने का तरीका | “axis”, “end-on” जैसे शब्द | “equatorial”, “broadside-on”, “perpendicular bisector” जैसे शब्द |
Numerical में सबसे पहले position पहचानें। यदि question में केवल “centre से r दूरी पर” लिखा हो, तो तुरंत formula न लगाएँ। पहले देखें कि point axis पर है या perpendicular bisector पर। यही छोटी सावधानी बहुत-सी calculation errors को रोकती है।
39. Magnetic Flux में angle की सावधानी
Φ = BA cosθ में θ सामान्यतः magnetic field और area vector अर्थात surface के normal के बीच का angle होता है। कई विद्यार्थी गलती से field और surface के बीच का angle formula में रख देते हैं। यदि प्रश्न में field और surface के बीच angle α दिया हो, तो normal के साथ angle 90° − α होगा। इसलिए जरूरत पड़ने पर:
इस तरह angle की definition पढ़ना calculation से पहले जरूरी है। यह छोटा conceptual point objective question में भी पूछा जा सकता है।
40. Gauss Law को बिना डर के समझें
“∮B⃗·dA⃗ = 0” देखकर line integral कठिन लग सकता है, लेकिन school-level understanding के लिए इसका मुख्य अर्थ बहुत सरल है: किसी बंद surface के भीतर जितनी magnetic field lines net रूप से आती हैं, उतनी ही net रूप से बाहर जाती हैं। इसलिए closed surface के लिए net magnetic flux zero होता है।
यह नियम magnetic field lines की closed nature से जुड़ा है। किसी सामान्य bar magnet के बाहर field lines N से S और अंदर S से N की ओर जाती हैं। इसलिए वे open-ended source-to-sink lines की तरह नहीं, बल्कि closed loops की तरह दिखाई जाती हैं।
यदि exam में “physical significance” पूछा जाए, तो केवल formula लिखकर न छोड़ें। Formula के बाद लिखें कि स्वतंत्र magnetic monopole की अनुपस्थिति के कारण closed surface का net magnetic flux zero होता है। इससे उत्तर complete दिखाई देता है।
41. पृथ्वी के चुम्बकत्व में तीन terms को एक साथ समझें
Earth magnetism में declination, dip और horizontal component अलग-अलग बातें बताते हैं। Declination horizontal plane में geographic north और magnetic north के बीच direction difference से जुड़ा है। Dip यह बताता है कि पृथ्वी का कुल field horizontal plane से कितना झुका है। Horizontal component कुल field का horizontal हिस्सा है।
यदि dip angle δ छोटा है, तो field का बड़ा हिस्सा horizontal direction में होगा। यदि δ 90° के पास है, तो horizontal component बहुत छोटा होगा और vertical component dominant होगा। यही बात formulas से भी तुरंत समझी जा सकती है:
इसलिए δ = 0° पर BH maximum और BV zero होगा। δ = 90° पर BH zero और BV maximum होगा। इन दो limiting cases को याद रखना numerical problems को बहुत आसान बनाता है।
42. पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र पर परीक्षा के सामान्य प्रश्न
- Declination की परिभाषा लिखिए।
- Dip angle क्या है?
- Earth field के horizontal और vertical components के expressions लिखिए।
- Magnetic equator पर dip angle कितना होता है?
- Magnetic poles पर dip angle कितना होता है?
- tanδ का physical meaning क्या है?
- यदि BH और BV दिए हों तो BE कैसे निकालेंगे?
43. तीन magnetic materials को याद रखने की आसान विधि
Diamagnetic = दूर धकेलता है, Paramagnetic = थोड़ा पास आता है, Ferromagnetic = बहुत मजबूती से आकर्षित होता है। इस एक लाइन के बाद sign और examples जोड़ें। Diamagnetic के लिए susceptibility negative, paramagnetic के लिए positive और small, तथा ferromagnetic के लिए positive और comparatively very large समझें।
| श्रेणी | याद रखने का संकेत | उदाहरण |
|---|---|---|
| Diamagnetic | Weak repulsion | Bi, Cu |
| Paramagnetic | Weak attraction | Al, Pt, O₂ |
| Ferromagnetic | Strong attraction | Fe, Ni, Co |
केवल examples रटने के बजाय behavior और susceptibility का sign भी साथ याद करें। Board में “differentiate” प्रश्न आने पर तीनों columns में यही चार-पाँच points लिखे जा सकते हैं।
44. Magnetic Susceptibility और Relative Permeability
Magnetic susceptibility χm यह बताती है कि applied magnetizing field के प्रभाव में पदार्थ कितना magnetize होता है। Relative permeability μr पदार्थ की permeability की तुलना vacuum permeability से करती है। इसलिए दोनों related होने के बावजूद समान शब्द नहीं हैं।
सरल linear magnetic material model में susceptibility और relative permeability के बीच संबंध को भी लिखा जा सकता है:
इस relation का उपयोग तभी करें जब प्रश्न linear isotropic material के सामान्य model में हो। यदि किसी specific material के लिए अलग relation या data दिया हो, तो question की दी हुई information को प्राथमिकता दें।
45. Curie Law का numerical कैसे करें?
Curie law के numerical में तीन quantities में से कोई दो दी जाती हैं—χ, C और T। तीसरी quantity निकालने के लिए χ = C/T को rearrange करें। यदि χ निकालना है तो C को T से divide करें। यदि C निकालना है तो χT करें। यदि T निकालना है तो C/χ करें।
Temperature को Kelvin scale में रखना याद रखें। यदि question Celsius में temperature देता है, तो:
School-level approximation में कई questions में 273 लिया जा सकता है, लेकिन यदि exact calculation की जरूरत हो तो 273.15 उपयोग किया जा सकता है।
46. Hysteresis loop को कहानी की तरह समझें
कल्पना कीजिए कि एक magnetic material को धीरे-धीरे external field दिया जा रहा है। शुरू में magnetization बढ़ता है। Field को वापस घटाने पर magnetization उसी path से वापस नहीं आता। Field zero होने के बाद भी कुछ magnetization बच सकता है। यही residual magnetism है। इसे हटाने के लिए reverse field देना पड़ता है; उस required reverse field का magnitude coercivity से जुड़ा है।
इसलिए hysteresis loop की चौड़ाई और height केवल graph की decoration नहीं हैं। वे material selection में महत्वपूर्ण information देती हैं। Permanent magnet के लिए magnetization को बनाए रखना उपयोगी है, जबकि electromagnet में magnetization को आसानी से बदलना और हटाना उपयोगी है।
47. Hysteresis loss
एक complete magnetization cycle में hysteresis loop का area प्रति unit volume energy loss से संबंधित होता है। यदि material बार-बार magnetize और demagnetize हो रहा हो, तो यह loss heat के रूप में दिखाई दे सकता है। इसलिए transformer cores और लगातार बदलते magnetic fields वाले devices के लिए कम hysteresis loss वाले materials उपयोगी होते हैं।
Board question में यदि “hysteresis loop के area का significance” पूछा जाए, तो लिखें कि loop का area एक magnetization cycle में प्रति unit volume energy loss से संबंधित है। इसके बाद soft magnetic material के कम hysteresis loss वाले उपयोग का उल्लेख किया जा सकता है।
48. Permanent Magnet के लिए material selection
Permanent magnet को एक बार magnetize करने के बाद उसका magnetism लंबे समय तक बनाए रखना चाहिए। इसलिए high retentivity महत्वपूर्ण है। बाहरी उल्टे magnetic field, mechanical disturbance या अन्य परिस्थितियों में magnetization आसानी से खत्म न हो, इसके लिए high coercivity भी उपयोगी है। Steel और Alnico जैसे materials का उल्लेख इस संदर्भ में किया जाता है।
इस selection को केवल दो शब्दों में याद करें: Permanent magnet → magnetism को रोककर रखना → high retentivity + high coercivity.
49. Electromagnet के लिए material selection
Electromagnet को जरूरत के अनुसार magnetize और demagnetize करना होता है। इसलिए ऐसा material चाहिए जो external field के साथ तेजी से magnetize हो और field हटने पर residual magnetism कम छोड़े। Soft iron की high permeability और low coercivity इसे ऐसे applications के लिए उपयोगी बनाती है।
याद रखें: Electromagnet → जल्दी magnetize + जल्दी demagnetize. यही reasoning answer में लिखने से केवल “soft iron” लिखने की तुलना में explanation बेहतर बनती है।
50. 20 Rapid-Fire Questions
- Magnet के कितने poles होते हैं?
- Like poles क्या करते हैं?
- Unlike poles क्या करते हैं?
- Magnetic moment की direction क्या है?
- Magnetic moment की SI unit क्या है?
- Magnetic flux की SI unit क्या है?
- Closed surface का net magnetic flux कितना है?
- Earth magnetism में dip किस angle को कहते हैं?
- Magnetic equator पर dip कितना होता है?
- Magnetic poles पर dip कितना होता है?
- BH का formula क्या है?
- BV का formula क्या है?
- tanδ का relation क्या है?
- Diamagnetic susceptibility का sign क्या है?
- Paramagnetic susceptibility का sign क्या है?
- Ferromagnetic examples कौन-से हैं?
- Curie law क्या है?
- Retentivity क्या है?
- Coercivity क्या है?
- Electromagnet के लिए soft iron क्यों उपयोगी है?
51. उत्तर लिखने की भाषा का अभ्यास
परिभाषा लिखते समय छोटे और सीधे वाक्य रखें। उदाहरण के लिए “किसी पदार्थ की बाहरी magnetic field में magnetize होने की tendency को magnetic susceptibility कहते हैं” लिखना पर्याप्त है, फिर symbol χm और आवश्यक relation दें। बहुत लंबे साहित्यिक वाक्यों की जरूरत नहीं है। Physics answer में definition, formula, unit और explanation का क्रम ज्यादा उपयोगी रहता है।
Comparison question में table बनाना अच्छा तरीका है। “Differentiate between diamagnetic and paramagnetic materials” के उत्तर में attraction/repulsion, susceptibility sign, relative permeability और examples जैसे चार points लिखें। इसी प्रकार permanent magnet और electromagnet में material, retentivity, coercivity और applications के आधार पर अंतर दें।
52. Self-Practice Numericals
53. इन numericals के संकेत
प्रश्न 1 में BH = BEcosδ उपयोग करें। प्रश्न 2 में Pythagorean relation से total field और tanδ से angle निकालें। प्रश्न 3 में Curie law लगाएँ। प्रश्न 4 और 5 में distance dependence पर ध्यान दें। Small magnetic dipole के लिए axial और equatorial field दोनों 1/r³ के अनुपात में घटते हैं; इसलिए दूरी में छोटा बदलाव भी field पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है।
54. अध्याय 5 का Master Revision Map
Magnet → Magnetic Dipole → Magnetic Field → Magnetic Flux → Gauss Law → Earth Magnetism → Magnetic Materials → Susceptibility → Curie Law → Curie Temperature → Domains → Hysteresis → Permanent Magnet / Electromagnet.
अगर आप इस sequence को समझ लेते हैं, तो chapter के अलग-अलग topics अलग-अलग याद करने की जरूरत कम हो जाती है। हर topic अगले topic से naturally जुड़ता है। पहले magnet का field समझें, फिर Earth का field, उसके बाद matter का field के प्रति response समझें और अंत में hysteresis से practical material selection तक पहुँचें।
55. अंतिम परीक्षा Checklist
- □ Magnet के basic properties याद हैं।
- □ Magnetic moment का formula और direction आता है।
- □ Axial और equatorial position पहचान सकते हैं।
- □ Magnetic flux का angle सही पहचान सकते हैं।
- □ Gauss law लिख सकते हैं और physical meaning बता सकते हैं।
- □ Declination और dip का अंतर बता सकते हैं।
- □ BH, BV, BE के relations आते हैं।
- □ Diamagnetic, paramagnetic, ferromagnetic की तुलना कर सकते हैं।
- □ Curie law का numerical कर सकते हैं।
- □ Curie temperature समझते हैं।
- □ Hysteresis loop में retentivity और coercivity पहचान सकते हैं।
- □ Permanent magnet और electromagnet के लिए material selection समझा सकते हैं।
56. बहुत महत्वपूर्ण अंतिम प्रश्नोत्तर
उत्तर: क्योंकि magnetic poles को स्वतंत्र monopoles के रूप में अलग-अलग नहीं पाया जाता और magnetic field lines bar magnet के बाहर N से S तथा अंदर S से N की ओर जाकर closed paths बनाती हैं।
उत्तर: छोटे bar magnet के लिए axial field का magnitude equatorial field का लगभग दो गुना होता है।
उत्तर: Curie law के अनुसार χm = C/T, इसलिए ताप बढ़ने पर susceptibility घटती है।
उत्तर: क्योंकि बाहरी विपरीत magnetic field के प्रभाव में भी उसका magnetism आसानी से समाप्त नहीं होना चाहिए।
उत्तर: क्योंकि यह आसानी से magnetize और demagnetize हो सकता है तथा इसकी permeability अधिक होती है।
57. अंतिम दोहराव
इस पूरे अध्याय को दोहराते समय formulas को अकेले याद न करें। हर formula के साथ उसकी physical situation बोलें। उदाहरण के लिए “BH = BEcosδ — Earth field का horizontal component”, “χ = C/T — paramagnetic material”, “Φ = BAcosθ — surface से magnetic flux”, और “M = m(2l) — bar magnet का magnetic moment”। इस तरह formula और उसका उपयोग एक साथ याद रहेगा।
इसी प्रकार diagrams को भी दोहराएँ। Bar magnet का N-S diagram, Earth field का component diagram, तीन magnetic materials की comparison table और hysteresis loop इस chapter के सबसे उपयोगी visual revision tools हैं। परीक्षा से एक दिन पहले इन्हें खुद एक blank sheet पर बनाना revision को मजबूत करता है।
58. One-Page Concept Notes
Magnet: N और S poles वाला पदार्थ। Magnetic moment: pole strength और magnetic length का product। Magnetic field: वह region जहाँ magnetic effect महसूस होता है। Magnetic flux: किसी surface से गुजरने वाले magnetic field का measure। Earth magnetism: पृथ्वी के field को declination, dip और components से समझते हैं। Magnetic materials: diamagnetic, paramagnetic और ferromagnetic। Hysteresis: magnetization का applied field से lag।
यदि revision के समय बहुत कम समय हो, तो पहले magnetic moment, axial/equatorial field, flux, Gauss law, Earth-field components, तीन material classes, Curie law और hysteresis पढ़ें। इसके बाद VVI questions और numericals करें। इससे chapter के definition, formula और application तीनों हिस्से revise हो जाते हैं।
59. अंतिम Self-Test
उत्तर: S से N की ओर।
उत्तर: Zero.
उत्तर: Vertical component BV.
उत्तर: Horizontal component BH.
उत्तर: Weakly repelled.
उत्तर: Weakly attracted.
उत्तर: Strong magnetic response.
उत्तर: χm = C/T.
उत्तर: High retentivity और high coercivity.
उत्तर: Soft iron जैसे आसानी से magnetize/demagnetize होने वाले पदार्थ.
अध्याय से जुड़े अन्य Physics Notes
इस अध्याय को बेहतर तरीके से समझने के लिए पहले और अगले chapters के संबंधित concepts भी revise कर सकते हैं:
- Bihar Board Class 12 Physics Chapter 2: Electrostatic Potential and Capacitance — electric potential और capacitance के concepts का revision।
- Bihar Board Class 12 Physics Chapter 3: Current Electricity — विद्युत धारा और current-carrying systems से जुड़े concepts।
- Bihar Board Class 12 Physics Chapter 4: Moving Charges and Magnetism — moving charges, magnetic force, Biot-Savart law और magnetic field के concepts।
- Bihar Board Class 12 Physics Chapter 1: Electric Charges and Fields — electric field और charge की basic concepts का revision।
60. अंतिम 5-Minute Formula Drill
Exam hall में chapter शुरू करने से पहले मन में यह क्रम दोहराएँ: M = m(2l); small magnet के लिए axial field ∝ 2M/r³; equatorial field ∝ M/r³; Φ = BA cosθ; closed magnetic flux = 0; BH = BEcosδ; BV = BEsinδ; tanδ = BV/BH; χ = C/T. इसके बाद material classification और hysteresis के two key words—retentivity और coercivity—याद करें।
अब chapter को केवल facts की सूची न मानें। पहले magnet, फिर field, फिर Earth field, फिर matter का response और अंत में practical material selection की chain याद करें। यही क्रम concepts को जोड़ता है और revision के समय बार-बार अलग-अलग definitions देखने की जरूरत कम करता है।
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